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31 अक्टूबर से शुरू हुआ चोर पंचक संकट काल, जानें कौन-से काम बन सकते हैं बर्बादी का कारण?
31 अक्टूबर यानि आज से चोर पंचक शुरु हो चुका है, इसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद ही अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि इन पांच दिनों में किए गए काम अक्सर अधूरे रह जाते हैं या नुकसान का कारण बनते हैं. ऐसे में आपको इस दौरान किन कामों को भूलकर भी नहीं करना है, किन सावधानियों को बरतना है? चलिए विस्तार से जानते हैं…
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सनातन परंपरा में किसी भी काम को सफल और फलदायी बनाने के लिए शुभ-अशुभ समय को देखना जरूरी माना गया है. इसके लिए पंचांग का सहारा लिया जाता है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन शुभ है या अशुभ बताया जाता है. पंचांग के अनुसार, अक्टूबर महीने में एक बार फिर पंचक लगने जा रहा है, जिसे अशुभ माना जाता है और इसमें कुछ कामों को करने से बचना चाहिए.
पंचक कितने प्रकार के होते हैं?
आज यानि 31 अक्टूबर से पंचक लग रहा है. इस बार यह चोर पंचक होगा, क्योंकि पंचक शुक्रवार से शुरू हो रहा है. पंचक पांच प्रकार के होते हैं, जिनका निर्धारण दिन के आधार पर होता है, जैसे रोग पंचक (रविवार), राज पंचक (सोमवार), अग्नि पंचक (मंगलवार), चोर पंचक (शुक्रवार) और मृत्यु पंचक (शनिवार).
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कब तक रहेगा चोर पंचक का असर?
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पंचांग के अनुसार, 31 अक्टूबर को पंचक सुबह 06:48 बजे से शुरू होकर 4 नवंबर की दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक तब बनता है जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरता है. इस बार चंद्रमा धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र से होकर गुजरेगा.
चोर पंचक में भूलकर भी न करें ये कार्य!
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चोर पंचक को बेहद अशुभ माना जाता है. इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी हैं. सबसे पहले, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत जैसे नए करियर, व्यापार या महत्वपूर्ण परियोजनाओं को टालना चाहिए. दक्षिण दिशा की यात्रा करना भी अशुभ माना जाता है, क्योंकि इससे विघ्न-बाधा और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. घर में छत डलवाना, पेंटिंग करवाना या किसी निर्माण संबंधी काम करना भी पंचक में वर्जित है. इसी तरह, चारपाई, पलंग या फर्नीचर का नया निर्माण या मरम्मत करना भी अशुभ होता है. चोर पंचक के दौरान नए कपड़े, सामान या घरेलू चीजें खरीदने से भी बचना चाहिए.
चोर पंचक के दौरान ध्यान रखें ये बातें!
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मान्यता है कि इस समय की जाने वाली नई शुरुआत या निवेश नुकसान का कारण बन सकती है. यह समय केवल सतर्कता और संयम का है. छोटे-मोटे काम जैसे घर की सफाई या नियमित दिनचर्या जारी रख सकते हैं, लेकिन बड़े निर्णय और नए कार्य टालने चाहिए.