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पहलगाम हमले के बाद PoK को वापस लाने का काउंटडाउन शुरु, श्री संत बेत्रा अशोका जी की बड़ी भविष्यवाणी
पहलगाम हमले का बदला अब क्या पाकिस्तान से काटकर Pok वापस लेने का समय आ चुका है? जिसका ज़िक्र राष्ट्रभक्त विश्व विख्यात सुदर्शनचक्र ज्योतिषाचार्य श्री संत बेत्रा अशोका जी अपनी भविष्यवाणी में कई दफ़ा कर चुके है.
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नाम जानकर, धर्म पूछकरम कलमा पढ़वाकर, पैंट उतरवाकर, फिर मारी गोली आतंकियों ने मिनटों में 28 लोगों को गोलियों को भून दिया. पहलगाम में हुए इस आतंकी नरसंहार से दुनिया स्तब्ध है क्योंकि इतिहास में पहली दफ़ा आतंकियों ने अपनी कायरता दिखाते हुए मज़हब पूछकर गोली मारी है. जहां से अमरनाथ यात्रा का श्री गणेश होता है, आज वहीं बैसरन घाटी पर्यटकों के खून से लहूलुहान है. अमरनाथ यात्रा शुरु होने से ठीक 2 महीने पहले दहशतगर्दों का चुन-चुन कर हिंदुओं को मौत के घाट उतारना क्या ये हिंदुओं की आस्था पर हमला नहीं है ? 10 दिन पहले मुर्शिदाबाद दंगों की आग में हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और अब पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हिंदुओं को निशाना बनाना. आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी लेने वाला द रेसिस्टेंस फ्रंट साबित क्या करना चाहता है? अब जब एक-एक आंसू का बदला लिये जाने की माँग उठ रही है. सिसकियों का इंतक़ाम लिये जाने की माँग उठी है. मृतक परिवारों को इंसाफ़ दिलाने की माँग उठी है. आँखों में आक्रोश और मन में बदला लेने की चिंगारी भड़क उठी है, तो ऐसे में क्या मौत का कफ़न बांधकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेकर बदला लिया जाएगा ? अब क्या पाकिस्तान से काटकर Pok वापस लेने का समय आ चुका है? जिसका ज़िक्र राष्ट्रभक्त विश्व विख्यात सुदर्शनचक्र ज्योतिषाचार्य श्री संत बेत्रा अशोका जी अपनी भविष्यवाणी में कई दफ़ा कर चुके है.
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पहलगाम हमसे से ठीक पहले पाक आर्मी चीफ़ आसिम मुनीर को भारत को खोखली धमकी देना. भारत के अभिन्न हिस्से कश्मीर को अपना बताकर ख़ुद के गले की नस बताना, भारत पर क्रूरता और बर्बरता का आरोप लगाना और कश्मीर के नाम पर इंडियन आर्मी को उकसाना क्या ये इस बात का संकेत है कि पहलगाम आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है? अतीत में झांकेंगे, तो ये पायेंगे कि पुलवामा हमले के तार मुनीर से जुड़े. अबकी बार पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी लेने वाला द रेसिस्टेंस फ्रंट लश्कर-ए-तैयबा की B टीम है और पूरी दुनिया जानती है कि लश्कर-ए-तैयबा को चलाने वाली चाबी कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तानी आर्मी है. उसी के संरक्षण में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी पलते हैं. ऊपर से पाक ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई की आतंकी संगठनों के साथ होने वाली साठगांठ किसी से छिपी नहीं है, इन्हीं कारणों के चलते सिर पर कफ़न बांधकर PoK को वापस लेने की माँग अबकी बार अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के चेयरमैन एमएस बिट्टा ने किया है. आतंकियों की इस क्रूरता का मुंहतोड़ जवाब अब क्या PoK से दिया जाएगा क्योंकि बिट्टा जी का कहना है.
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अब PoK लेने का वक्त आ गया है अगर देश की रक्षा के लिए जान कुर्बान करनी पड़े, तो हम तैयार हैं। PoK का मुद्दा उखाड़ कर फेंक दो मौत का कफन बांध लो, लेकिन अब फैसला जरूरी है. गौर करने वाली बात ये कि हिंदू टूरिस्टों को आतंकियों ने ऐसे समय में अपना निशाना बनाया, जब देश के प्रधानमंत्री सऊदी यात्रा पर थे, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस राजधानी दिल्ली में थे, कश्मीर में दूरिस्ट सीज़न था और दो महीने बाद शुरु होने वाली अमरनाथ यात्रा इन हालातों में क्या PoK वापस लेने का काउंटडाउन शुरु हो चुका है ? श्री संत बेत्रा अशोका जी की भविष्यवाणी में PoK वापसी की तारीख़ क्या है