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भविष्य मालिका पुराण के मुताबिक़ PM Modi के रहते 3 सालों के अंदर 195 देश से क्या ख़त्म होने वाला है

अगले 3 सालों के लिए हो जाइये सावधान ! प्रभु जगन्नाथ के घर से मिले तबाही के संकेत। देवकी नंदन महाराज ने दिखाया सच का आईना। भविष्य मालिका पुराण को पढ़ने लगा आम जनमानस।

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विश्व पर एक अदृश्य ख़तरे को मंडराता देख कथावाचक देवकी नंदन महाराज ने एक ऐसी घातक भविष्यवाणी की है, जो प्रभु जगन्नाथ की धरा पर लिखी गई भविष्य मालिका पुराण पर आधारित है। आज की डेट में ज़्यादातर देश जंग के हालातों से जूझ रहे हैं। कही गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है, तो कई देश आपस में ही भिड़े हुए हैं। ऐसे में चाहकर भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किनको बचा नहीं पाएँगे और आने वाले 3 साल क्या सच में मानवता के लिए बेहद खतरनाक हैं। भविष्य मालिका से जुड़ी देवकी नंदन महाराज की ज़ुबान से निकली अब तक की सबसे डरावनी भविष्यवाणी क्या कहती है? देखिये धर्म ज्ञान की इस ख़ास रिपोर्ट में । 

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भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, आज तक कोई नहीं जान पाया हालाँकि इस धरा पर कुछ ऐसी असाधारण शख़्सियत हुई हैं, जिन्होंने भविष्यवक्ता बनकर या फिर महात्माओं का चोला ओढ़कर आम जनमानस को आने वाले ख़तरे को लिए सचेत किया है। भविष्यवक्ताओं की लिस्ट में कई विदेशी अनगिनत नाम आपको मिलेंगे। नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा, पीटर हरकोस, प्रोफ़ेसर कीरो, जीन डिक्सन। इन्होंने विश्व जगत से जुड़ी कई ऐसी-ऐसी भविष्यवाणियां की, जो प्राचीन काल से हिंदू धर्म ग्रंथों में समाहित है। इसी कड़ी में एक नाम संत अच्युतानंद दास महाराज का है। पंच सखाओं में से प्रभु जगन्नाथ के परम भक्त और भविष्य मालिका पुराण के रचीयता ओड़ीसा का पुरी शहर। जहां  प्रभु जगन्नाथ की नगरी बसती है, वहीं पर ताड़ के पत्तों पर लिखी गई भविष्य मालिका पुराण आज भी मौजूद है। वहाँ के मठ-मंदिरों में भविष्य मालिका पुराण की प्रतियां हैं और इन्हीं का गहन शोध करके कई धर्माचार्यों और ज्योतिषों ने अपने अनुसार, भविष्य मालिका पुराण आधारित भविष्यवाणियाँ की। आज जब भविष्य मालिका पुराण ज्ञान से कथावाचक देवकी नंदन महाराज परिचित हुए, तो वो ये जानकर स्तम्भ रह गये कि आने वाले समय और भी ज़्यादा बुरा है। ख़ुद को ये कहने से रोक नहीं पाएँ कि तीन साल पूरे विश्व की मानवता के लिए डेंजरस टू डेंजर हैं। भविष्य मालिका पुराण ना सिर्फ़ देवकीनंदन महाराज बल्कि पूरी दुनिया को अभी से क्यों डरा रही है और जगन्नाथपुरी धाम मंदिर से इस अक्षय ग्रंथ से क्या संबंध है। 

600 वर्ष पूर्व ताड़ के पत्तों पर लिखी गई भविष्य मालिका पुराण में कुछ ऐसी परिस्थितियों का ज़िक्र है, जो आज की वर्तमान घटनाओं से मिलती जुलती हैं। जगन्नाथपुरी धाम के लिए मान्यताएँ यहीं कहती आई हैं कि ना कभी शिखर ध्वज पर आग लगेगी। ना ही मंदिर के शिखर पर कोई पक्षी बैठेगा और ना ही मंदिर किसी तरह से क्षतिग्रस्त होगा लेकिन आज इन सबके के उलट हो रहा है। आज जब मंदिर के गुंबद पर पक्षी बैठने लगें हैं। शिखर ध्वज पर आग लगती हुई दिखी है। मंदिर के पत्थर गिरने लगे हैं। तो लोगों को इस बात का डर सताने लगा है कि अब कैसी प्रलय आनी हैं। कोरोना के भारत में दस्तक देने से कुछ दिनों पहले ही जगन्नाथपुरी धाम में ये तमाम अप्रिय घटनाएँ हुई हैं हालाँकि इसके बाद मंदिर के रसोईघर को भी नुक़सान पहुँचाया गया था और आज इसी भविष्य मालिका पुराण का हवाला देते हुए देवकीनदन महाराज आने वाले तीन साल मानवता के लिए ख़तरनाक बता रहे हैं। 

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भविष्य मालिका, उड़ीसा के संत हुए उन्होंने लिखा है जो मुझे कुछ समय पहले किसी ने भेंट की। भविष्य मलिका के अनुसार कलयुग की आयु 432000 वर्ष की नहीं है, बल्कि उस पुस्तक में लिखा है कि कि 5000 साल में ही कलयुग समाप्त हो जाएगा।अगर आप शॉर्ट में समझना चाहते हैं, तो इतना समझ लो 2025, 2026, 2027 यह तीन साल पूरे विश्व की मानवता के लिए डेंजरस टू डेंजर हैं।ध्यान रहे, मैं भविष्यवक्ता नहीं हूं, आपको सिर्फ भविष्य मालिका में लिखी बातों का संदर्भ दे रहा हूं। वहां कहा गया है कि जो भगवान के पंच सखाओं में से एक हैं, वो मिथ्या नहीं बोल सकते।अगर आपको सिर्फ 2-3 साल का मजा लेना है, तो जो मन चाहे वो करो। लेकिन अगर आप लंबे समय तक जीना चाहते हैं, तो वही करो जो शास्त्र कहते हैं। भगवान कृष्ण के चरणों का आश्रय लो, उनका नाम गाओ, शिव की शरण में जाओ, कल्याण निश्चित है। जो ठाकुर के नाम ले चुके हैं, वे गोविंद सनातनी हैं, उन्हें तो भगवान जरूर बचाएंगे। बाकी का फैसला भगवान पर छोड़ दो।

                                                        

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देवकी नंदन ठाकुर की कही बातें और भविष्य मालिका पुराण से जुड़ी मान्यताओं पर अगर यक़ीन किया जाए, तो निष्कर्ष यही निकलता है कि आने वाले 3 साल मानवता के लिए अत्यंत ही कष्टकारी है। भारत के पड़ोसी मुल्कों में मचा कोहराम आपके सामने हैं। फिर चाहे पाकिस्तान हो अफ़ग़ानिस्तान या फिर बांग्लादेश। यूरोप से लेकर गल्फ़ देशों के हालात भी किसी से छिपे नहीं है। ऐसे में क्या भविष्य मालिका पुराण पर भरोसा किया जा सकता है, आप क्या सोचते हैं। 

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