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मां वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचे अब्दुल्ला बोले- मेरी आंखों में आंसू आ गए

इन दिनों फारुक अब्दुल्ला अपने नए अंदाज को सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे हैं. फारुक अब्दुल्ला वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने के बाद ही वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे और वहां पहुंचकर क्या कुछ कहा.

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चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है, देवी मां के भक्तों की जुबान से ये बोल तो आपने सुने ही होंगे, कहते हैं माता के दरबार में तभी कोई भक्त जा सकता है जब उसे माता ने बुलाया हो. यही वजह है कि माता वैष्णो देवी के दरबार में कोई और नहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला माथा टेकने के लिए पहुंचे हैं. वो भी उस वंदे भारत ट्रेन से जिसका उद्घाटन कुछ ही दिनों पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथों से किया था.

भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब मोदी राज में जम्मू को कश्मीर से ट्रेन के जरिये जोड़ा गया. जिससे एक तरफ जहां जम्मू और कश्मीर की दूरी कम हो गई. तो वहीं दूसरी तरफ माता वैष्णो देवी और माता खीर भवानी के भक्तों के लिए भी ये ट्रेन किसी सौगात से कम नहीं है. यही वजह है कि माता खीर भवानी के भक्त फारुख अब्दुल्ला भी नई नवेली वंदे भारत ट्रेन से माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए पहुंच गये. मोदी सरकार ने 6 जून को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया था. उसी चिनाब ब्रिज से गुजरते हुए वंदे भारत ट्रेन जम्मू को कश्मीर से जोड़ती है. इस ट्रेन के उद्घाटन के महज चार दिन के अंदर फारुख अब्दुल्ला भी इसी ट्रेन से सफर करते हुए नजर आए और सबसे बड़ी बात ये है कि एक मुसलमान होने के बावजूद फारुख अब्दुल्ला ने पहली यात्रा मां वैष्णो देवी के दरबार के लिए की. वैसे आपको बता दें अब्दुल्ला परिवार का सनातन धर्म के प्रति झुकाव ये कोई नई बात नहीं है. कुछ ही दिनों पहले अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला कश्मीर के ऐतिहासिक खीर भवानी मंदिर में हाजिरी लगाने पहुंचे थे. आप इसी बात से समझ सकते हैं कि अब्दुल्ला परिवार मुसलमान होकर भी सनातन धर्म का कितना सम्मान करता है.

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