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मध्यप्रदेश में स्थित है ऐसा मंदिर जहाँ भगवान राम-लक्ष्मण ने की थी शिवलिंग की स्थापना, स्वयं हनुमान जी ने दिखाया था मुक्ति का द्वार!

मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित कपितीर्थ कुम्भेश्वर महादेव मंदिर अपने रहस्यमयी युगल शिवलिंग के लिए जाना जाता है. कहा जाता है कि यहां मौजूद शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान राम और लक्ष्मण ने त्रेतायुग में की थी. लेकिन ये शिवलिंग लोगों के लिए आज भी रहस्य बना हुआ है.

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रामायण के प्रमाण आज भी देश और विदेशों में देखने को मिलते हैं. देश के अलग-अलग कोनों में भगवान राम, माँ सीता और हनुमान जी से जुड़े हुए मंदिर भी हैं. ऐसे में इन मंदिरों की मान्यता और पौराणिक कथाएँ भी अलग-अलग हैं. ऐसा ही जबलपुर में एक शिव मंदिर है, जिसका नाता रामायण से जुड़ा है. माना जाता है कि भगवान राम और लक्ष्मण दोनों ने ही मंदिर में अद्भुत शिवलिंग की पूजा की थी. चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

मध्यप्रदेश में स्थित है महादेव का अद्भुत मंदिर

मध्यप्रदेश के जबलपुर में कपितीर्थ कुम्भेश्वर महादेव का मंदिर है, जिसकी मान्यता और दर्शन दोनों ही अद्भुत हैं. मंदिर लम्हेटा गाँव में बना हुआ है, जिसमें एक नहीं बल्कि दो-दो शिवलिंग विराजमान हैं, वो भी जिलहरी. आमतौर पर एक मंदिर के प्रांगण में एक ही शिवलिंग होता है, लेकिन कपितीर्थ कुम्भेश्वर महादेव में दो-दो महादेव एक साथ भक्तों को दर्शन देते हैं. मंदिर इसलिए भी खास है क्योंकि मंदिर का संबंध भगवान राम और लक्ष्मण से है.

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बजरंगबली से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

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कहा जाता है कि त्रेतायुग में स्वयं श्रीराम-लक्ष्मण ने मिलकर दो शिवलिंगों की प्राण-प्रतिष्ठा की थी. इन दोनों ही शिवलिंगों को बालू और मिट्टी से बनाया गया है. पौराणिक कथाओं की मानें तो रावण वध के बाद भगवान हनुमान को कई हत्याओं का पाप लगा और उन्होंने अशोकवाटिका को भी उजाड़ा था, ऐसे में उन्हें प्रकृति-दोष भी लगा. अब अपने दोषों से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने लम्हेटा गाँव के पास नर्मदा तट पर साधना की और खुद को दोषों से मुक्त किया.

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भगवान राम लक्ष्मण ने मिलकर की थी शिवलिंग की स्थापना!

उधर भगवान राम को भी ब्रह्म हत्या का पाप लगा था. हनुमान जी ने स्वयं श्रीराम को दोषों से मुक्ति पाने का मार्ग बताया और भगवान राम और लक्ष्मण ने मिलकर लम्हेटा में युगल शिवलिंग की स्थापना की और कठोर तपस्या भी की. भगवान राम और लक्ष्मण ने ही युगल शिवलिंग की नींव रखी. आज भी भक्त सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति पाने के लिए कपितीर्थ कुम्भेश्वर महादेव के दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर बहुत छोटा है, लेकिन पौराणिक होने की वजह से मंदिर की ख्याति बहुत अधिक है.

पुराणों में भी मिलता है मंदिर का जिक्र

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नर्मदा पुराण में इस मंदिर का जिक्र है और बताया गया है कि मंदिर के तट पर स्नान करने से सभी दोषों से मुक्ति मिलती है और बारह गुना पुण्य भी मिलता है. इसी मान्यता की वजह से दूर-दूर से लोग मंदिर के नजदीक बसी नर्मदा नदी में स्नान करने के लिए आते हैं और मंदिर की परिक्रमा भी करते हैं.

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