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700 भूकंप के झटके और अब 5 जुलाई की दस्तक! क्या सच होगी रयो तात्सुकी की तबाही वाली भविष्यवाणी?

72 घंटे बाद क्या दिखेगी विनाश लीला? 700 बार आए भूकंप के बाद कैसी तबाही मचेगी? क्या 5 जुलाई बनेगी क़यामत की रात? इन दिनों इन्हीं सवालों के चक्रव्यूह में पूरी दुनिया उलझी हुई है, क्योंकि भारत से सात समंदर पार, जापान की 'बाबा वेंगा' कही जाने वाली रयो तात्सुकी की भयावह भविष्यवाणी आम जनमानस के लिए 'मौत का सौदागर' बनती दिख रही है. 700 बार धरती का कंपकंपाना, क्या यह संकेत है किसी बड़ी विपदा के आने का और वो भी ठीक 5 जुलाई के दिन?

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इन दिनों जापान की 'बाबा वेंगा' कही जाने वाली रयो तात्सुकी की भविष्यवाणी दुनिया के कानों में गूंज रही है, क्योंकि उन्होंने 5 जुलाई को कयामत आने की चेतावनी दी है. यानी तबाही मचने वाली है. हम सभी जानते हैं कि साल 2011 में भूकंप से उत्पन्न हुई सुनामी ने जापान में जो तांडव मचाया था, उसके ज़ख़्म आज भी ताज़ा हैं और अब, एक और सुनामी आने की भविष्यवाणी सामने आ रही है.

दरअसल, कुछ समय पहले रयो तात्सुकी ने समुद्र में बड़ी हलचल और भारी आपदा की भविष्यवाणी की थी. उनकी लिखी किताब The Future I Saw साल 1999 में प्रकाशित हुई थी, और इसी किताब में उन्होंने यह दावा किया था कि 5 जुलाई को जापान में एक तबाही वाली घटना घटेगी. हालाँकि इसके पीछे वे अपने सपने को आधार बताती हैं, जिसमें उन्होंने उबलते हुए समुद्र, उठते बुलबुले और 2011 की सुनामी से भी भयंकर तबाही को महसूस किया. उनकी इस भविष्यवाणी को पूरी तरह नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, क्योंकि कोविड-19 महामारी और 2011 की सुनामी की सटीक भविष्यवाणी भी उन्होंने ही की थी. इसी के चलते, हांगकांग से जापान जाने वाली फ्लाइट बुकिंग में 30% तक गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी जानकारी एक ट्रैवल एजेंसी ने दी है. अब बड़ा सवाल ये उठता है.  क्या सच में 5 जुलाई तबाही लेकर आएगा और अगर हाँ, तो आज की परिस्थितियाँ कितनी डरावनी हैं?  ये भी हमें समझना होगा.

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कुछ दिनों पहले से ही जापान लगातार भूकंप के झटके महसूस कर रहा है. जापान के दक्षिणी सुदूर इलाके में अकुसेकिजिमा नाम का एक द्वीप है, जहां की धरती में लगातार कंपन महसूस किया जा रहा है. वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, 21 जून से इस द्वीप पर लगातार भूकंप आ रहे हैं. अब तक इस इलाके में 736 भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं, जिनकी तीव्रता 7-पॉइंट स्केल पर कम से कम 3 रही है. बताया जाता है कि अकुसेकिजिमा एक ज्वालामुखीय द्वीप है, जिसमें ऊंची-ऊंची खड़ी चट्टानें हैं. लगातार आ रही भूकंपीय गतिविधियों और बैक-टू-बैक झटकों की वजह से स्थानीय लोगों को किसी बड़े खतरे की आशंका होने लगी है. जमीनी कंपन के चलते अब लोगों को सुनामी आने का भी खतरा महसूस हो रहा है. मतलब ये कि 'मौत का सौदागर' बनकर, जापानी बाबा वेंगा कही जाने वाली रयो तात्सुकी की भविष्यवाणी ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है. हालाँकि यह कहना कि "विनाश होगा ही होगा," या "सुनामी आएगी ही आएगी," और "आम जनमानस को नुकसान होना तय है" इन बातों की न तो कोई गारंटी है और न ही पुष्टि की जा सकती है. क्योंकि यह सब कुछ रयो तात्सुकी की भविष्यवाणी से बना वह माहौल है, जिसकी सत्यता जानने की उत्सुकता लोगों के मन में बनी हुई है.

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बहरहाल जो लोग रियो तात्सुकी को जापानी बाबा वेंगा के चश्मे से देखते हैं, वो ये दावा करते हैं कि कोरोना वायरस, 2011 का तोहोकू भूकंप , राजकुमारी डायना की मौत समेत बहुत सी अप्रिय घटनाओं के होने का अंदेशा रिजो तात्सुकी ने जताया और उन्होंने उसे सत्यता की कसौटी पर देखा. हालाँकि इन दावों के बीच अब 5 जुलाई का इंतज़ार हो रहा है.

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