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14 या 15 January, कब है Makar Sankranti का शुभ मुहूर्त जिससे बदलेगी किस्मत !

मकर संक्रांति का ये पावन त्यौहार वैसे तो हर साल ही आता है लेकिन इस बार इस त्यौहार के काफी अलग मायने है , क्योंकि इस बार महाकुंभ का दुसरा शाही स्नान भी इसी तारीख़ को पड़ रहा है और इस दिन माँ गंगा में स्नान करने से सभी दुखों से मुक्ति मिलती है , भाग्योदय होता है और साथ ही बंद क़िस्मत के ताले भी खुलते है आपकी इस त्यौहार को लेकर क्या राय है हमें कमेंट कर जरुर बतायें ।

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सनातन धर्म में भगवान के साथ साथ प्रकृति को भी पूजा जाता है। इसीलिये पेड़ पौधों के साथ सूर्य और चंद्रमा का भी सनातन धर्म में अहम स्थान हैं और उनके नाम पर कई पर्व और त्योहार भी मनाए जाते हैं। ऐसा ही एक त्यौहार है मकर संक्रांति का जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। और इसी दिन शुरू होते है हिंदू धर्म के सभी शुभ कार्य। कुछ अलग अलग कारणों से इस पर्व को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है कौन से है वो कारण जानने के लिए देखते रहे धर्म ज्ञान।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति का यही वो दिन था जब माँ गंगा भगीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए समुद्र में जाकर मिली थी और उस दिन महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया था इसलिए मकर संक्रांति पर बड़े ही धूम धाम से पश्चिम बंगाल के गंगासागर में मेला भी लगता है । और ऐसी भी मान्यता है के मकर संक्रांति के दिन शनि देव के पिता सूर्य देव अपने पुत्र यानि शनि की मकर राशि में पूरे एक महीने के लिए आए इसलिए ये त्यौहार लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है । 

आखिर कब है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त ? 



 इस बार मकर संक्रांति का मुहूर्त बहुत ही शुभ है क्योंकि इस दिन प्रयागराज के महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान भी आयोजित होने जा रहा है ।  वैदिक पंचांग के मुताबिक 14 जनवरी को मंगलवार कि सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे , इसलिए इस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा । साथ ही आपको बता दें कि 14 जनवरी की सुबह 9 बजकर 3 मिनट से लेकर श्याम 5 बजकर 46 मिनट तक पुण्य काल रहेगा , वहीं महा पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा । 

कब है मकर संक्रांति का शाही स्नान ? 


मकर संक्रांति के दिन स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है और इस बार "मकर संक्रांति का शाही स्नान 14 जनवरी को पुण्य काल में पूरे दिन किया जा सकता है इसके बाद भी आप महा पुण्य काल में भी स्नान कर सकते हैं और अगर स्नान करने के बाद कुछ वस्त्रों और खाने की वस्तुएं दान करें तो इससे जीवन में ख़ुशहाली आती है , साथ ही इस दिन लोग स्नान करने के बाद मन्दिर में भगवान की पूजा अर्चना भी करते हैं और परिवार के मंगल की कामना करते हैं।  

मकर संक्रांति तो हर साल ही आती लेकिन इस बार कि मकर संक्रांति बेहद ही शुभ है क्योंकि इस बार महाकुंभ का दुसरा शाही स्नान भी इसी दिन पड़ रहा है इस दिन माँ गंगा में स्नान करें , ग़रीबों को गरम वस्त्र दान करें , बुजुर्गों की सेवा करें इससे आपके भाग्य में सुखद परिवर्तन होगा बहरहाल आप किस तरह से मकर संक्रांति का ये पावन त्यौहार मनाते है हमें कमेंट कर जरुर बताये ।  
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