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भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत! फ्रांस से 26 राफेल फाइटर जेट की डील तय! 63 हजार करोड़ में हुई सौदे की मंजूरी

इस फाइटर जेट के अंदर कई खासियत मौजूद है। इसकी चौड़ाई 10.80 मीटर, लंबाई 15.27 मीटर, ऊंचाई 5. 34 मीटर, रफ्तार 1,912 किलोमीटर प्रति घंटा, रेंज 3,700 किलोमीटर है। यह 50,000 फीट ऊंचाई तक उड़ान भरता है। इसके अलावा एंटी शिप स्ट्राइक और न्यूक्लियर प्लांट अटैक के लिए डिजाइन है।

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भारतीय नौसेना अब और भी ज्यादा ताकतवर होने वाली है। पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी ने बुधवार 9 अप्रैल को कुल 26 फाइटर जेट की डील पर मुहर लगा दी है। यह डील फ्रांस के साथ 63 हजार करोड़ रूपये में हुई है। इस दिल्ली के तहत फ्रांस भारत को 22 सिंगल सीटर और 4 ट्विन सीटर वाले जेट सौंपेगा। दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर बीते कई महीनो से बातचीत चल रही थी। दरअसल, भारत यह डील उसी बेस प्राइज में करना चाहता था। जो साल 2016 में 36 विमानों की खरीद पर हुई थी। उस दौरान यह डील 59 हजार करोड़ रूपये में हुई थी।  9 अप्रैल को हुई इस डील की जानकारी पहली बार साल 2023 में सामने आई थी। जब पीएम मोदी ने फ्रांस की यात्रा की थी। उस दौरान रक्षा मंत्रालय ने एक रिक्वेस्ट लेटर जारी किया था। जिसके बाद फ्रांस ने साल 2023 में इसे स्वीकार कर लिया था। 

क्या है राफेल मरीन फाइटर जेट की खासियत ? 

इस फाइटर जेट के अंदर कई खासियत मौजूद है। इसकी चौड़ाई 10.80 मीटर, लंबाई 15.27 मीटर, ऊंचाई 5. 34 मीटर, रफ्तार 1,912 किलोमीटर प्रति घंटा, रेंज 3,700 किलोमीटर है। यह 50,000 फीट ऊंचाई तक उड़ान भरता है। इसके अलावा एंटी शिप स्ट्राइक और न्यूक्लियर प्लांट अटैक के लिए डिजाइन है। इसमें मिड एयर रिफ्यूलिंग और एडवांस्ड रडार टेक्नोलॉजी है। इसकी एक और खासियत है कि यह बहुत कम जगह पर लैंड कर सकता है। राफेल मरीन राइफल फाइटर जेट से काफी एडवांस्ड है। इसका मजबूत फ्रेम, लैंडिंग गियर और टेल हुक जैसे स्टेटस से बाहर है। 

आखिर कहां होगी इस मरीन जेट की तैनाती ?

भारतीय नौसेना के लिए खरीदे जा रहे 22 सिंगल सीटर राफेल-एम जेट और 4 डबल ट्रेनर सीट वाले राफेल-एम जेट चीन से मुकाबले के लिए हिंद महासागर में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में INS डेगा होम बेस में तैनात किए जाएंगे। डबल इंजन वाले जेट आमतौर पर दुनिया के सभी एयरफोर्स द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे जेट की तुलना में काफी ज्यादा महंगी होती है। दरअसल, समुद्र में इसके ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त क्षमताओं  की जरूरत पड़ती है। 

कब होगी इस राफेल जेट की डिलीवरी   

भारत और फ्रांस के बीच हुए सौदे की मंजूरी के बाद राफेल एम जेट की डिलीवरी 5 साल बाद होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसकी डिलीवरी साल 2029 की शुरुआत में होगी। साल 2031 तक भारत को पूरी खेप मिल जाएगी। 
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