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‘अगर आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें…’, CDS अनिल चौहान ने पाकिस्तान की बढ़ाई टेंशन, कहा- ऑपरेशन सिंदूर जारी…

CDS अनिल चौहान ने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है. हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन गलतफहमी में न पड़ें, हम शांतिवादी नहीं हो सकते. मैं एक लैटिन उद्धरण कहना चाहूंगा जिसका अनुवाद है...अगर आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें.

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मध्य प्रदेश के महू में आयोजित रण संवाद में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ऐसा बयान दिया जिससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ जाएगी. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जारी रहने की बात कही. हालांकि ये भी स्पष्ट किया भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है. हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन गलतफहमी में न पड़ें, हम शांतिवादी नहीं हो सकते. मैं एक लैटिन उद्धरण कहना चाहूंगा जिसका अनुवाद है...अगर आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक आधुनिक संघर्ष था जिससे हमने कई सबक सीखे और उनमें से ज़्यादातर पर अमल चल रहा है, कुछ पर अमल हो भी चुका है. ऑपरेशन अभी भी जारी है. 

रक्षा क्षमताओं के भविष्य पर CDS का बयान

जनरल अनिल चौहान ने भारत की रक्षा क्षमताओं के भविष्य को लेकर के भी अहम बातें कही है. उन्होंने कहा, 'दो-तीन दिन पहले, आपने सुना होगा कि DRDO ने एक विशेष एकीकृत प्रणाली का परीक्षण किया, जिसमें QRSAM, VSHORADS और 5-किलोवाट लेजर को इंटीग्रेट किया गया.' CDS ने आगे कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मल्टी-डोमेन लेवल पर तैयार रहना होगा. जैसे- इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस के स्तर पर समन्वय की जरूरत है. इसके अलावा संघर्ष की स्थिति में जल, थल, नभ के अलावा समुद्र के भीतर और स्पेस में भी तैयारी की जरूरत है. इसके अलावा इन सभी क्षेत्रों में समन्वय भी जरूरी है. 

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‘पूरे राष्ट्र की भागीदारी जरूरी होगी…’

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उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटेशन, डेटा एनालिटिक्स, बिग डेटा, LLM (लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स) और क्वांटम टेक्नोलॉजीज के उपयोग को अनिवार्य बताया. जनरल चौहान ने कहा, 'भारत जैसे विशाल देश के लिए इस स्तर की परियोजना में पूरे राष्ट्र की भागीदारी जरूरी होगी. लेकिन हमेशा की तरह, मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय इसे न्यूनतम और बहुत किफायती लागत पर कर लेंगे.' 

रण संवाद 2025 की शुरुआत

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रण संवाद 2025 में तीन संयुक्त सैन्य सिद्धांत—मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, स्पेशल फोर्सेस ऑपरेशंस और एयरबोर्न व हेलिबोर्न ऑपरेशंस जारी किए गए. इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे. यह आयोजन 26 और 27 अगस्त को होना है. 

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