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भारत के खिलाफ साज़िश रच रहा अमेरिका, सबसे बड़े प्रोडक्ट में अड़ंगा लगाया !

तेजस MK 1A फाइटर जेट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बना रहा है…लेकिन अमेरिका अब इसमें टांग अड़ा रहा है..जिससे इसके पूरा होने में समय लग रहा है…दरअसल, तेजस MA 1A जेट को चलाने के लिए F404 इंजन की ज़रूरत है जिसे देने में अमेरिका देरी कर रहा है..

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रक्षा क्षेत्र में भारत आज लगभग हर देश को टक्कर दे रहा है।हालात ये है कि चीन और पाकिस्तान जैसे देश भी भारत के आगे ख़ौफ़ खा रहे हैं।लेकिन ये सोचकर भारत अब भी रुक नहीं रहा वो अपने डिफ़ेंस सिस्टम को मज़बूत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।नए ख़तरनाक हथियार भारत में ही बनाए जा रहे हैं।जिसे कई देश ख़रीद भी रहे हैं।वैसे अब तक तो चीन और पाकिस्तान के पसीने ये सब देखकर छूट रहे थे।लेकिन अब अपने आप को सुपर पावर बताने वाला अमेरिका भी इंसक्योर है।अमेरिका को अब डर लग रहा है कि कही भारत रक्षा क्षेत्र में उससे आगे ना निकल जाए।यही वजह कि अमेरिका ने भारत के बड़े प्रोजेक्ट में अड़ंगा लगा दिया है।दुनिया की महाशक्ति होने का दावा करने वाला अमेरिका भी ख़ौफ़ में है।इसका ताज़ा कारण है तेजस MK 1A फाइटर जेट।


इस फाइटर जेट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बना रहा है। लेकिन अमेरिका अब इसमें टांग अड़ा रहा है।जिससे इसके पूरा होने में समय लग रहा है।दरअसल, तेजस MA 1A जेट को चलाने के लिए F404 इंजन की ज़रूरत है। इस इंजन को अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक्स कंपनी बनाती है। भारत ने इसके लिए अमेरिका से पहले ही डील कर ली थी। तब अमेरिकी कंपनी ने 2023 के आखिर तक इंजन की डिलीवरी करने की बात कही थी। लेकिन अब ये डिलीवरी डेट अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी गई है।जिससे साफ पता चलता है कि कितने ख़ौफ़ में अमेरिका है। और शायद वो ये सोच रहा है कि उसके इंजन के बिना ये प्रोजेक्ट पूरा ही नहीं हो सकता।अब ये सवाल भी सबके मन में आ रहा है कि इस लेट लतीफी के पीछे ये अमेरिका कि इनसिक्योरीटी हो सकती है।क्योंकि भारत के हथियार और ख़ासकर तेजस को देखकर अपने पुराने जेट कई देश बदलाना चाहते हैं। और इसका सीधा असर अमेरिका के F- 16 लड़ाकू विमान की बिक्री पर ही पड़ेगा।अब अमेरिका की तरफ़ से इस देरी को लेकर भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी पर जुर्माना भी लगाया है।

क्या है तेजस MK-1A की खासियत ?

तेजस मार्क 1A में AESA रडार लगा है। इस रडार की रेंज पुराने तेजस एयरक्राफ्ट से ज्यादा है और जैमिंग को बेहतर तरीके से रोकता है।

इसमें मिड-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता है। इससे सिंगल इंजन फाइटर जेट की रेंज बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इसमें लगभग 40 सुधार किए गए हैं, जिनसे इसका मेंटेनेंस आसान हो जाएगा ।

इसमें अपग्रेडेड रडार वॉर्निंग रिसीवर सिस्टम (RWR) लगाया गया है इससे एयरक्राफ्ट खतरों को जल्दी डिटेक्ट कर पाएगा।

इसमें डिजिटल मैप जनरेटर, स्मार्ट मल्टी फंक्शन डिस्प्ले और एडवांस रेडियो ऑल्टीमीटर भी दिया गया है । 

वहीं ये जेट एयरफ़ोर्स को मिग-21, मिग-23 और मिग-27 को बदलने में मदद करेगा 

अब HAL को इन जेट्स को एयरफ़ोर्स को डिलीवर करने में देरी तो हो रही है लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल HAL तेजस MK 1A को आरक्षित इंजनों के साथ एयरफोर्स को सप्लाई कर सकती है।बाद में जब अमेरिकी इंजन की डिलीवरी हो जाएगी तब इंजन को F404 से बदल दिया जाएगा। HAL को 2021 में भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस मार्क-1A बनाने के लिए 46,898 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। जिसे HAL को 2028 तक डिलीवर करना है। वही वायुसेना में शामिल होते ही ये विमान सबसे पहले पाकिस्तान की हालत ख़राब करने वाले है क्योंकि इन्हें पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के बीकानेर में बने नाल एयरबेस पर तैनात करने की प्लानिंग है।

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