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भगवान राम जब खुद कंधा देने पहुंचे, शामली में शहीद हुए STF इंस्पेक्टर को अरुण गोविल ने दिया कंधा !
Shamli Encounter: शामली जिले में मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए UP STF के इंस्पेक्टर सुनील कुमार (54) की गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. शामली के झिंझिना इलाके में 21 और 22 जनवरी की दरमियानी रात हुई मुठभेड़ में पुलिस इंस्पेक्टर को कई गोलियां लगी थीं.
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उत्तर प्रदेश के शामली जिले में STF इंस्पेक्टर को सूचना मिली की कग्गा गैंग के चार बदमाश कही वारदात करने जा रहे है। चारों बदमाश सहारनपुर में हुई एक लूट के मास्टरमाइंड थे, एक लाख का ईनाम भी घोषित था ।STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाल लिया, बदमाश जैसे ही सामने आए, हथियार डालकर सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन बदमाशों को ये बात पसंद नहीं आई । उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरु कर दी, STF इंस्पेक्टर टीम को लीड कर रहे थे, सबसे आगे वहीं थे, चारों बदमाश तो ढेर कर दिए गए लेकिन STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार के पेट में तीन गोलिंया लग गई, आनन-फानन में करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, करनाल से गुरुग्राम के मेदांता में रेफर कर दिया गया, लेकिन दो दिन बात पता चला, सुनील कुमार शहीद हो गए।
यूपी STF ने अपना एक बीर जवान खो दिया था, STF चीफ अमिताभ यश ने भी दुख जताया, लेकिन जैसे ही जवान का पार्थव शरीर मेरठ में उनके पैंतृक गांव मसूरी पहुंचा, मेरठ से सांसद अरुण गोविल भी जवान की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच गए।और सिर्फ पहुंचे ही नहीं बल्कि जवान के शव को कंधा भी दिया ।जिसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पर दी। तस्वीरें साझा करते हुए सासंद ने लिखा "जनपद शामली में अपराधियों के साथ साहसिक मुठभेड़ के दौरान कर्तव्य पालन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए मेरठ के मसूरी गांव निवासी उत्तर प्रदेश एसटीएफ के निरीक्षक श्री सुनील कुमार जी को उनके निवास पर जाकर अपनी श्रद्धांजलि दी ।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें व शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें।जय श्री राम।
सांसद के इस कदम की लोग खुब सराहना कर रहे है। लोग लिख रहे है है कि प्रभु श्री राम खुद जिसे कंधा दे रहे है, उनकी आत्मा को शांति मिल गई होगी।अब आप ये तो जानते ही होंगे की अरुण गोविल को लोग भगवान राम क्यों कह रहे है। दरअसल, अरुण गोविल ने रामानंद सादर की रामायण में भगवान राम का किरदार निभाया है, लोग इस किरदार की वजह से उन्हें भगवान के बराबर का दर्जा देते है, जिस वक्त बीजेपी ने उन्हें मेरठ से टिकट दिया था, उस वक्त भी अरुण गोविल अपने राम के किरदार को लेकर खासे चर्चाओं में रहे थे।और अब भी इसी वजह से अरुण गोविल के इस कदम की लोग चर्चा कर रहे है।
वैसे अगर बात करें STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार की तो वो एक बहादुर अफसर थे, STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार की कहानी प्रेरणा लेने वाली कहानी है।सुनील कुमार साल 1990 में एक कांस्टेबल के रूप में पीएसी में भर्ती हुए थे।1997 में मानेसर हरियाणा में कमांडो कोर्स किया था। फिर 1998 में सुनील कुमार STF से जुड़े और 2009 में मेरठ एसटीएफ में आए।16 सितंबर 2011 में आउट ऑफ ट्रेन प्रमोशन देकर हेड कॉन्स्टेबल से प्लाटून कमांडर पद पर प्रमोशन दिया गया था। 2020 में 'दलनायक' के रूप में पदोन्नत किए गए थे। 2009 से एसटीएफ के लिए काम कर रहे थे और उन्हें उनकी बहादुरी के लिए कई पुरस्कार मिल चुके थे। सुनील कुमार के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे है। तो ऐसी कहानी वाकई में ये एक इंस्पिरेशनल कहानी है, लेकिन इस कहानी का अब अंत हो चुका है।
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