Advertisement
कश्मीर घाटी में NIA की बड़ी कार्रवाई, आतंकी फंडिंग नेटवर्क पर कई जगह छापेमारी
बारामूला जिले में बोमाई, सोपोर, जेथन, रफीबाद और मॉडल टाउन सोपोर में छापे मारे जा रहे थे. इसी तरह, बांदीपोरा के मुख्य शहर और श्रीनगर जिले के एचएमटी मुस्तफाबाद इलाके में भी तलाशी चल रही है. आधिकारिक बयान और आगे की जानकारी का इंतजार है.
Advertisement
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को कश्मीर घाटी में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों और फंडिंग नेटवर्क की चल रही जांच के तहत कई जगहों पर छापे मारे.
कश्मीर घाटी में NIA की बड़ी कार्रवाई
एनआईए से जुड़े सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर, बारामूला, सोपोर और बांदीपोरा में सुबह-सुबह तलाशी ली गई. एनआईए की टीमों को संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़े रिहायशी और दूसरी जगहों पर एक साथ मारे गए छापों में स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ ने मदद की. सूत्रों ने आगे कहा कि ये छापे घाटी में काम कर रहे टेरर फाइनेंसिंग और सपोर्ट नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई का हिस्सा हैं.
Advertisement
बारामूला जिले में बोमाई, सोपोर, जेथन, रफीबाद और मॉडल टाउन सोपोर में छापे मारे जा रहे थे. इसी तरह, बांदीपोरा के मुख्य शहर और श्रीनगर जिले के एचएमटी मुस्तफाबाद इलाके में भी तलाशी चल रही है. आधिकारिक बयान और आगे की जानकारी का इंतजार है.
Advertisement
आतंकवाद के मामलों में NIA का सख्त रुख
बता दें कि एनआईए आतंकवाद से जुड़े मामलों में सख्ती से कोर्ट में केस लड़ रही है. 18 जनवरी, 2019 को एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकी समूह के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन सहित 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. यह अलगाववादी नेताओं शब्बीर शाह और अन्य की जमानत याचिकाओं का भी विरोध कर रही है.
Advertisement
यासीन मलिक मामले में मौत की सजा की मांग
एनआईए 1990 में श्रीनगर शहर के रावलपोरा इलाके में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित चार आईएएफ कर्मियों की हत्या के मामले में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग कर रही है. गवाहों ने पहले ही यासीन मलिक को उस आतंकी हमले में मुख्य शूटर और शौकत बख्शी को उसके आतंकी साथियों में से एक के रूप में पहचाना है.
यह भी पढ़ें
यासीन मलिक पहले से ही राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आपराधिक साजिश का हिस्सा होने की बात कबूल करने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 जनवरी को एनआईए को एक टेरर फंडिंग मामले में मौत की सजा की मांग वाली एजेंसी की अपील के संबंध में मलिक द्वारा दिए गए जवाब पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया.