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झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप ‘कैंटीलोन’ से करोड़ों की ठगी, सीआईडी ने 19 वर्षीय मास्टरमाइंड को देवघर से दबोचा
आरोपी की पहचान यशवर्धन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के गयाजी का रहने वाला है और इन दिनों देवघर में रह रहा था. उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में एफआईआर दर्ज है.
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झारखंड के अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की साइबर क्राइम सेल ने एक सनसनीखेज ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा किया है.
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा
देवघर में रहने वाला एक 19 वर्षीय युवक “कैंटीलॉन” नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए देश भर के निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था. सीआईडी ने उसे शुक्रवार को देवघर शहर में गिरफ्तार किया है. सीआईडी उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
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यशवर्धन कुमार के रूप में हुई आरोपी की पहचान
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आरोपी की पहचान यशवर्धन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के गयाजी का रहने वाला है और इन दिनों देवघर में रह रहा था. उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में एफआईआर दर्ज है.
पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, ठगी से जुड़ी चैट और बैंक खाता विवरण बरामद किया है. मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित की शिकायत पर 23 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज करने के बाद सीआईडी ने तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू की.
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कैंटीलोन नामक ट्रेडिंग ऐप से किया करोड़ों फ्रॉड
आरोपी ने पीड़ित को व्हाट्सऐप चैट पर कैंटीलोन नामक ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने का लालच दिया गया. ऐप पर नकली प्रॉफिट दिखाकर पीड़ित को यकीन दिलाया गया कि उसे मोटा रिटर्न मिलेगा. इस झांसे में आकर उसने करीब 44 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज जानकारी के मुताबिक, आरोपी के बैंक खाते में झांसा देकर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराने की 46 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.
इनमें तेलंगाना (04), उत्तराखंड (01), झारखंड (01), छत्तीसगढ़ (02), पश्चिम बंगाल (01), तमिलनाडु (04), राजस्थान (01), मध्य प्रदेश (01), महाराष्ट्र (04), कर्नाटक (08), केरल (01), हिमाचल प्रदेश (01), गुजरात (06), दिल्ली (02), बिहार (02), आंध्र प्रदेश (02) और उत्तर प्रदेश (05) की शिकायतें शामिल हैं.
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सीआईडी का कहना है कि गिरफ्तार युवक महज इस नेटवर्क की एक कड़ी है. पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे कौन-सा गैंग सक्रिय है.