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‘अशोक सर गलत जगह टच करते थे’ धर्मशाला रैगिंग मामले में छात्रा का वीडियो Viral, मौत से पहले बयां की दर्दनाक कहानी

वीडियो उस हॉस्पिटल का है, जहां छात्रा का इलाज चल रहा था. इसमें वह लड़खड़ाती हुई आवाज में प्रोफेसर अशोक की करतूत और रैंगिंग के बारे में बता रही है.

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03 Jan 2026
( Updated: 03 Jan 2026
11:21 AM )
‘अशोक सर गलत जगह टच करते थे’ धर्मशाला रैगिंग मामले में छात्रा का वीडियो Viral, मौत से पहले बयां की दर्दनाक कहानी
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‘अशोक सर पीछे पड़ जाते थे, अजीब-अजीब हरकतें करते थे. मुझे गलत जगह टच करते थे. मैं आपको कैसे बताऊं, मैं उठकर बताऊंगी.’ लेकिन वह उठने की बजाय हमेशा के लिए सो गई, लेकिन उसकी आपबीती का वीडियो चीख बनकर बाहर आया. 

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 19 साल की छात्रा के साथ रैगिंग के बाद मौत से हर कोई हैरान है. आरोप है कि तीन सीनियर छात्राओं ने उसे रैंगिग का शिकार बनाया, इतना ही नहीं कॉलेज के एक प्रोफेसर ने छात्रा को यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया. मौत के बाद छात्रा का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उसने अपने साथ हुई आपबीती बयां की. 

वीडियो में छात्रा ने बताई दर्दनाक सच्चाई

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ये वीडियो हॉस्पिटल का है, छात्रा की हालत बेहद खराब है, सांस लेने के लिए नाक के पास ऑक्सीजन पाइप लगा हुआ है. वह बोल नहीं पा रही. लड़खड़ाती हुई आवाज में प्रोफेसर अशोक की करतूत और रैंगिंग के बारे में बता रही है. पीड़िता मां और पिता पूछते हैं- कॉलेज में तुम्हारे साथ क्या-क्या होता है? 

इस पर छात्रा कहती है कि लड़कियां मारती थीं और पढ़ने नहीं देती थीं. कॉलेज में लड़कियों ने उसे सिर पर भी मारा था. वह रोते हुए बताती है, फेल होने पर उसे लड़कियां तंग करती थीं. इसके अलावा मां-पिता ने उसे प्रोफेसर अशोक के बारे में पूछते हैं क्या किया था अशोक सर ने? इस पर छात्रा जवाब देती है, अशोक सर बहुत ही बुरे थे, फिर मां आगे पूछती है क्या करते थे, छात्रा ब्रेस्ट की ओर इशारा करके कहती है यहां टच करते थे. 

मानसिक प्रताड़ना और रैगिंग ने ली जान!

कांगड़ा की 19 साल की छात्रा धर्मशाला की डिग्री कॉलेज में पढ़ाई करती थी. आरोप है कि कॉलेज में उसका मानसिक और शारीरिक शोषण हुआ. सीनियर छात्राओं ने उसे मारा पीटा, इसके बाद धमकियां भी दी गई. प्रोफेसर अशोक कुमार पर भी छात्रा के साथ यौन शोषण का आरोप है. इस घटना से छात्रा अंदर ही अंदर टूट गई, घुटन और टॉर्चर के कारण उसे गहरा सदमा और ड्रिपेशन होने लगा. हालत बिगड़ने के बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. जहां उसने दम तोड़ दिया. 

परिवार का कहना है कि छात्रा लगातार डिप्रेशन से जूझ रही थी. कई हॉस्पिटल में उसका इलाज हुआ लेकिन लुधियाना की DMC अस्पताल में वह जिंदगी की जंग हार गई. छात्रा की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. 

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अब तक क्या कार्रवाई हुई? 

जांच में सामने आया कि पल्लवी के साथ रैगिंग की घटना 18 सितंबर को हुई थी. पुलिस ने BNS  की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया है. DSP निशा कुमारी के नेतृत्व में एक टीम छात्रा के घर भी पहुंची. साथ ही जिन अस्पतालों में छात्रा का इलाज हुआ वहां भी पता लगा रही है कि इलाज किस बीमारी के लिए किया गया. इसके साथ ही छात्रा के कमरे से बैग और अन्य निजी सामान की भी जांच की गई. वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह मामला सामान्य मौत का है. 

UGC ने दिए जांच के आदेश 

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इस पूरे मामले पर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) भी हरकत में आ गया. UGC ने छात्रा की मौत मामले में जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है. UGC की ओर से कहा गया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा. उसे बख्शा नहीं जाएगा. 

विश्वविद्यालयों को रैगिंग के खिलाफ उठाने होंगे सख्त कदम 

छात्रा की मौत के बाद देश में रैगिंग को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है. UGC ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए देश भर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं को रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्ती से एंटी रैगिंग गाइडलाइंस लागू करना अनिवार्य है. 

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UGC का कहना है कि किसी उच्च शिक्षा संस्थान में रैगिंग और आत्महत्या जैसा मामला सामने आना बेहद गंभीर है. ऐसे मामले में गहन जांच की जाएगी और संबंधित विश्वविद्यालय को इसके लिए समन किया जाएगा. UGC के मुताबिक, ऐसे मामलों में विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों को नेशनल एंटी रैगिंग मॉनिटरिंग कमिटी के सामने पेश होना होगा. यहां उनसे रैगिंग को लेकर प्रश्न किए जाएंगे जिनका स्पष्ट उत्तर देना अनिवार्य होगा.  

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