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ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में महेश लांगा को किया गिरफ्तार, 28 फरवरी तक ईडी की कस्टडी में
अहमदाबाद : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महेश लांगा गिरफ्तार, 28 फरवरी तक ईडी की कस्टडी में
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महेश प्रभुदान लांगा को मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी महेश प्रभुदान लांगा और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में की गई है।
महेश प्रभुदान लांगा को विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए), मिर्जापुर कोर्ट, अहमदाबाद के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 फरवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच शुरू की थी, जो डीसीबी पुलिस स्टेशन, अहमदाबाद, गुजरात द्वारा महेश प्रभुदान लांगा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की एफआईआर दर्ज होने के आधार पर की गई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सैटेलाइट पुलिस स्टेशन, अहमदाबाद द्वारा महेश प्रभुदान लांगा के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक दुरुपयोग, आपराधिक विश्वासघात, और लाखों रुपये का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह पता चला कि महेश प्रभुदान लांगा बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी वित्तीय लेन-देन में लिप्त था। महेश प्रभुदान लांगा की वित्तीय गतिविधियों में कई व्यक्तियों से जबरन वसूली, निरंतर धोखाधड़ी, और मीडिया प्रभाव का उपयोग शामिल था। इसके अतिरिक्त, महेश प्रभुदान लांगा 'जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले' में भी शामिल था, जिसकी जांच भी निदेशालय द्वारा की जा रही है।
महेश प्रभुदान लांगा ने धोखाधड़ी और जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में शामिल वित्तीय लेन-देन की वास्तविक प्रकृति को छिपाने और उसे अस्पष्ट करने की कोशिश की थी। इस बात का संकेत मिला है कि वह अपने वित्तीय लेन-देन के स्रोत और उद्देश्य को छिपाने का प्रयास कर रहे थे। इस मामले में ईडी की जांच जारी है।
Input: IANS
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