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गद्दी गैंग का कुख्यात अपराधी अनिल उर्फ अमित को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, महिलाओं को विशेष तौर पर बनाता था निशाना
अनिल उर्फ सनी के खिलाफ 2007 से 2024 तक आठ मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी (धारा 420), चोरी (धारा 411) और आर्म्स एक्ट (धारा 25/54/59) जैसे अपराध शामिल हैं. गोविंदपुरी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 243/2024 में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी है. पुलिस अब उसके सहयोगियों की तलाश में जुटी है.
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दिल्ली पुलिस की नॉर्थ एवेन्यू थाना टीम ने कुख्यात बदमाश अनिल उर्फ अमित उर्फ सनी (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया है. यह शातिर अपराधी आठ मामलों में वांछित था और ठगी के लिए महिलाओं को निशाना बनाता था. उस पर धोखाधड़ी, चोरी और हथियारों से संबंधित कई गंभीर आरोप हैं.
दिल्ली पुलिस ने कुख्यात बदमाश को किया गिरफ्तार
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नॉर्थ एवेन्यू पुलिस ने एफआईआर संख्या 67/2024 और 08/2025, धारा 318(4)/3(5) बीएनएस के तहत दर्ज मामलों को सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित की थी. इस टीम में एसआई प्रदीप, एएसआई मनोज, एचसी श्रीभगवान, कांस्टेबल विजय और अजय शामिल थे. इंस्पेक्टर रजनी कांत (एसएचओ, नॉर्थ एवेन्यू) के मार्गदर्शन और एसीपी अजय कुमार गुप्ता (पार्लियामेंट स्ट्रीट) की निगरानी में टीम ने अनिल को पकड़ने के लिए गहन जांच की. सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों की सूचना और लगातार छापेमारी के बाद, अनिल को दिल्ली के रघुवीर नगर से गिरफ्तार कर लिया गया. वह बार-बार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था.
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कई गंभीर मामले हैं दर्ज
अनिल उर्फ सनी के खिलाफ 2007 से 2024 तक आठ मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी (धारा 420), चोरी (धारा 411) और आर्म्स एक्ट (धारा 25/54/59) जैसे अपराध शामिल हैं. गोविंदपुरी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 243/2024 में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी है. पुलिस अब उसके सहयोगियों की तलाश में जुटी है.
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महिलाओं को निशाना बनाता था अनिल उर्फ सनी
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बदमाश का गैंग मुख्य रूप से महिलाओं को निशाना बनाता था. पहला सदस्य पीड़ित महिला से बातचीत शुरू कर उसका विश्वास जीतता था. दूसरा सदस्य परेशानी का नाटक करता था और दावा करता था कि वह अपने मालिक की नकदी से भरा बैग लेकर भागा है. बैग में कुछ असली और ज्यादातर नकली नोट दिखाकर वह महिला के आभूषणों के बदले नकदी देने का प्रस्ताव रखता. इसके बाद दोनों चोरी किए गए आभूषणों के साथ फरार हो जाते. नॉर्थ एवेन्यू के दोनों मामलों में यही तरीका अपनाया गया.
इसके अलावा, गैंग अस्पतालों में अकेली या कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था. वे मरीजों से मदद का बहाना बनाकर बात शुरू करते, फिर उन्हें सुनसान जगह पर ले जाकर सामान सौंपने के लिए राजी करते. जैसे ही मरीज नजरों से हटता, वे कीमती सामान लेकर भाग जाते.
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पुलिस के अनुसार, अनिल की गिरफ्तारी से गड्डी गैंग की ठगी की वारदातों पर लगाम लगेगी. दिल्ली पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार प्रयासरत है.