कौशांबी से एक बेहद चौंकाने वाला केस सामने आया है. जहां एक पति कुछ महीने पहले अचानक ग़ायब हो गई थी और उसका पति उसकी हत्या के आरोप में जेल काट रहा था. लेकिन अचानक वो पत्नी एक दिन जिंदा निकली. जिसे देख हर कोई दंग रह गया
मोनालिसा को फंसाने के लिए फरहान ने अच्छी-खासी प्लानिंग की थी. ये दावा किया है मोनालिसा के साथ फिल्म कर रहे डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने. डायरेक्टर ने बताया कि कैसे फरहान ने अक्सर माथे पर तिलक लगाकर मोनालिसा से मिलता था. उसके सामने मंदिर जाने का ढोंग करता था. यहां तक कि उसने अपनी पहचान एक हिंदू के तौर पर बताई थी.
महज 19 साल की उम्र, आंखों पर चश्मा और मासूम सा चेहरा, लेकिन इरादे दहलाने वाले, 16 मार्च को UP ATS ने हारिश अली को आतंकी कनेक्शन के आरोप में अरेस्ट किया था.
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी आक्रामक अभियान चला रहे हैं. आम अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और हवाला रैकेट भी सुरक्षा बलों की निगरानी में हैं. माना जाता है कि गैर-कानूनी गतिविधियों से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है.
पंजाब पुलिस ने साफ कर दिया है कि अवैध हथियार तस्करी, आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी. पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
रविवार देर रात आरोपियों ने सुनसान स्थान पर दिलीप तूरी की गला रेतकर हत्याकर दी और पहचान छिपाने के लिए शव को वहीं फेंककर फरार हो गए. पुलिस ने छापेमारी कर बुधवार देर शाम तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सभी ने अपराध स्वीकार कर लिया है.
भारत की सुरक्षा एजेंसियों NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 6 यूक्रेन और 1 अमेरिका का नागरिक शामिल है. एजेंसी के मुताबिक, ये सभी भारत के खिलाफ साजिश रच रहे थे. आरोपी अलग-अलग एयरपोर्ट से पकड़े गए और मामले की जांच जारी है.
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में रौन थाना क्षेत्र की मछण्ड चौकी में दलित नाबालिग के साथ एक नाबालिग युवक द्वारा प्रेम के झांसे में फंसाकर एक साल तक शारीरिक शोषण का मामला सामने आया.
संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया एक विधिवत गठित पुलिस टीम की मौजूदगी में पूरी की गई. इस दौरान एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट, स्थानीय लंबरदार और चौकीदार भी मौके पर मौजूद रहे, ताकि सभी कानूनी प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके.
गिरोह के सदस्य फोन कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सट्टा लगाने के लिए प्रेरित करते थे और बाद में उनसे पैसे वसूल कर अपने नेटवर्क के जरिए इकट्ठा करते थे. इस अवैध गतिविधि से आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं.
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