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कट्टरपंथियों ने एक और हिंदू की ली जान, पहले बेरहमी से पीटा फिर जहर दिया, तड़प-तड़पकर तोड़ा दम

बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनों के बीच हिंदुओं पर बर्बरता थमने का नाम नहीं ले रही. कुछ कट्टरपंथी लोगों ने जॉय पर जानलेवा हमला कर जान ले ली.

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बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के मामले चिंताजनक हैं. अब यहां एक और हिंदू शख्स की हत्या का मामला सामने आया है. शख्स का नाम जॉय महापात्रो है. जॉय को पहले बेरहमी से पीटा गया फिर जहर खिलाकर मारा गया. 

बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनों के बीच हिंदुओं पर बर्बरता थमने का नाम नहीं ले रही. यहां 18 दिनों में 7 हिंदू लोगों की हत्या कर दी गई. नया मामला जॉय महापात्रो का है. जानकारी के मुताबिक, 8 जनवरी को सुनामगंज के भंगदोहोर गांव में जॉय की हत्या की गई. 

कट्टरपंथियों नेे जॉय को तड़पाया 

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बताया जा रहा है कुछ कट्टरपंथी लोगों ने जॉय पर जानलेवा हमला किया, फिर उसकी बुरी तरह पिटाई की और इतने से भी वह नहीं मरा तो जहर देकर जान ले ली. यानी जॉय को पहले यातना देकर तड़पाया गया, फिर जहर देकर धीरे-धीरे मारा. जॉय की हत्या के लिए परिवार ने अमीरुल इस्लाम नाम के शख्स पर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अमीरुल ने जॉय को अपने साथियों के साथ बेरहमी से पीटा और जहर दिया. 

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विदेश मंत्रालय का फूटा गुस्सा 

बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं पर अत्याचार के मामलों पर विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम बांग्‍लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों की ओर से हो रहे हमलों का चिंताजनक सिलसिला देख रहे हैं. इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है. हमने इस तरह की घटनाओं को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी है. इस तरह की अनदेखी से अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच भय और असुरक्षा की भावना और गहरी हो जाती है.

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यह भी पढ़ें- बांग्लादेश में ‘भीड़तंत्र’ का खौफ! लोगों के हमले से बचने के लिए नहर में कूदा था हिंदू शख्स, मौत

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वहीं, बांग्लादेश में बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के आंकड़ों में हिंदुओं पर हमलों के मामले तेजी से बढ़े हैं. यूनुस सरकार के आने के बाद अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों और उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए. कहीं झूठी ईशनिंदा तो कहीं चोरी के आरोपों के आधार पर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है. बांग्लादेश में भीड़तंत्र हिंदुओं का कल्तेआम कर रही है और नोबेल शांति पुरस्कार विनर मोहम्मद यूनुस चुपचाप इस अन्याय को देख रहे हैं. हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की गई हैं, इनमें हत्याएं, चोरी और डकैती, घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, मंदिरों पर कब्जा करने, लूटपाट और आगजनी से जुड़ी घटनाएं शामिल हैं. 

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