Advertisement
UPSC का बड़ा तोहफा! 'प्रतिभा सेतु' से अब लाखों असफल उम्मीदवार भी पा सकेंगे शानदार जॉब, ऐसे करें अप्लाई
'प्रतिभा सेतु' UPSC की एक नई और दूरदर्शी पहल है, जिसे पहले पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम (PDS) के नाम से जाना जाता था. इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन योग्य और मेहनती उम्मीदवारों की प्रतिभा का सदुपयोग करना है, जो UPSC की विभिन्न परीक्षाओं के सभी चरणों (लिखित परीक्षा और इंटरव्यू) को सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाते.
Advertisement
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. लाखों छात्र हर साल इस परीक्षा में अपना भाग्य आज़माते हैं, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में कुछ हज़ार उम्मीदवार ही जगह बना पाते हैं. ऐसे में, उन मेहनती और प्रतिभाशाली उम्मीदवारों के लिए एक निराशाजनक स्थिति उत्पन्न होती थी, जो इंटरव्यू तक पहुँचते थे लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आने के कारण उनके सालों की कड़ी मेहनत व्यर्थ चली जाती थी. अब, UPSC ने ऐसे उम्मीदवारों के लिए एक नई पहल, 'प्रतिभा सेतु' की शुरुआत की है, जो उन्हें दूसरा सुनहरा अवसर प्रदान करेगी.
क्या है 'प्रतिभा सेतु' पहल?
'प्रतिभा सेतु' UPSC की एक नई और दूरदर्शी पहल है, जिसे पहले पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम (PDS) के नाम से जाना जाता था. इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन योग्य और मेहनती उम्मीदवारों की प्रतिभा का सदुपयोग करना है, जो UPSC की विभिन्न परीक्षाओं के सभी चरणों (लिखित परीक्षा और इंटरव्यू) को सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाते.
Advertisement
यह पहल इन उम्मीदवारों को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अन्य रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक डिजिटल सेतु का काम करेगी. UPSC ने एक सुरक्षित ऑनलाइन इंटरफेस बनाया है जहाँ वेरिफाइड एम्प्लॉयर्स इन उम्मीदवारों के प्रोफाइल तक पहुँच सकते हैं.
Advertisement
'प्रतिभा सेतु' के तहत कौन से उम्मीदवार होंगे शामिल?
'प्रतिभा सेतु' में वे सभी उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने UPSC द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के सभी चरणों को सफलतापूर्वक पास किया है, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आया है. आयोग के अनुसार, इस डेटाबेस में 10,000 से अधिक ऐसे इच्छुक उम्मीदवारों की जानकारी उपलब्ध है. इस डेटा बैंक में युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और संपर्क विवरण भी शामिल हैं. यह जानकारी कंपनियों को बेहतर टैलेंट खोजने में मदद करेगी.
Advertisement
कौन सी परीक्षाएं हैं शामिल?
इन परीक्षाओं में सिविल सेवा परीक्षा (CSE), भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा (CAPF), इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा, संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा, भारतीय आर्थिक सेवा/भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा और संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS) परीक्षा जैसी प्रमुख परीक्षाएँ शामिल हैं.
कैसे काम करेगा यह प्लेटफॉर्म?
Advertisement
UPSC ने एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है. वेरिफाइड संगठन इस प्लेटफॉर्म पर लॉग इन कर सकते हैं और इच्छुक उम्मीदवारों के बायोडाटा को ब्राउज़ कर सकते हैं. उम्मीदवारों का डेटा, उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि और संपर्क जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी. उम्मीदवारों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, केवल वेरिफाइड संगठनों को ही डेटा तक पहुँच दी जाएगी.
कंपनियां पंजीकरण करने के लिए क्या करें?
सरकारी और निजी संस्थान UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यूज़र आईडी और पासवर्ड प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें इस डेटाबेस तक पहुंच मिल सकेगी. पहले से लॉगिन आईडी प्राप्त सरकारी संगठन तो इसका उपयोग पहले ही कर रहे हैं, अब प्राइवेट कंपनियों को भी इसका लाभ मिलेगा.
Advertisement
यह भी पढ़ें
'प्रतिभा सेतु' UPSC की एक सराहनीय पहल है, जो उन योग्य उम्मीदवारों को एक नया मार्ग दे रही है जो सिर्फ कुछ अंकों से अंतिम चयन से चूक गए. यह न केवल इन उम्मीदवारों के लिए एक दूसरा मौका है, बल्कि देश की प्रतिभा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.