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यूपी में CM योगी की दूरगामी सोच का कमाल, अभ्युदय और भागीदारी कोचिंग के बच्चों ने UPSC-2025 में गाड़े झंडे, मिली बंपर सफलता
यूपी में CM योगी की युवा सशक्तिकरण की सोच और परिकल्पना के तहत चलाए जा रहे 8 मुफ्त आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का व्यापक असर अब दिखने लगा है. UPSC-2025 में इन क्लासेज से पढ़े, ट्रेनिंग लिए बच्चों ने अच्छी खासी सफलता हासिल की है.
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उत्तर प्रदेश में सीएम योगी की सोच और विजन के तहत चलाए जा रहे अभ्युदय कोचिंग करियर को दिशा देने वाला मजबूत मंच बनकर उभर रहा है. इसने एक बार फिर उन निजी कोचिंग क्लासेस को टक्कर दी है, जो कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के नाम पर लाखों रुपए लेते हैं. आपको बताएं कि यूपी में योगी सरकार की निःशुल्क कोचिंग पहल ने एक बार फिर शानदार परिणाम दिए हैं. समाज कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े छह अभ्यर्थियों का चयन सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी)-2025 में हुआ है.
यूपी सरकार की अभ्युदय कोचिंग ने गाड़े झंडे!
इनमें से दो अभ्यर्थियों ने भागीदारी भवन की आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि चार अभ्यर्थियों ने यहां आयोजित मॉक इंटरव्यू में हिस्सा लिया था. समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस उपलब्धि पर सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर मेधावी और प्रतिभाशाली युवा को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं.
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भागीदारी भवन स्थित आवासीय कोचिंग के बच्चों का UPSC में कमाल
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में इन सुविधाओं को और बेहतर बनाएगी, ताकि अधिक से अधिक युवा सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें. समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विमल कुमार ने सिविल सेवा परीक्षा में 107वीं और विपिन देव यादव ने 316वीं रैंक हासिल की है. वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत आयोजित मॉक इंटरव्यू में शामिल अभ्यर्थियों में मानसी को 444वीं, महेश जायसवाल को 590वीं, अदिति सिंह को 859वीं और तनीषा सिंह को 930वीं रैंक प्राप्त हुई है.
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क्या है आवासीय कोचिंग की पहल?
आपको बताएं कि समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भागीदारी भवन में आवासीय कोचिंग संचालित की जाती है. यहां सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के साथ ही साक्षात्कार की तैयारी के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारी अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं.
इसके अलावा, कोचिंग में चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है.
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सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं. इस उपलब्धि को प्रदेश में प्रतिभा संवर्धन और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को किया जाता है तैयार!
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उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग प्रतियोगी छात्रों के लिए दो तरह की कोचिंग चलाता है. रेजिडेंशियल कोचिंग में पढ़ाई के साथ साथ रहने की भी सुविधा होती है और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग में केवल क्लास चलती है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का दायरा काफी विस्तृत है. यहां से मिलने वाली कोचिंग सिर्फ यूपीपीसीएस तक सीमित नहीं है, बल्कि यूपीएससी, अधीनस्थ सेवाएं, विभिन्न भर्ती बोर्ड, बैंकिंग, एसएससी, अर्धसैनिक बल, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस, बीएड, टीईटी जैसी लगभग हर प्रमुख परीक्षा इसमें शामिल है.
150 सेंटर में 23000 से ज्यादा छात्रों का रजिस्ट्रेशन
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11 दिसंबर 2025 तक के NMF News के पास मौजूद आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के 150 अभ्युदय कोचिंग सेंटर में करीब 23801 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराए. सिविल सर्विसेस के लिए 8663, NEET के लिए 5574, JEE के लिए 2018, एनडीए/सीडीएस के लिए 801 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 6745 छात्र अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. इसमें छात्रों को पाठ्यक्रम और क्वेश्चन बैंक भी दिए जाते हैं, ताकि उनकी तैयारी पूरी तरह परीक्षा-केन्द्रित और व्यवस्थित हो.
8 फ्री आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग चला रही योगी सरकार
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आपको बताएं कि योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में युवा सशक्तिकरण के लिए 8 नि:शुल्क आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग चला रही है. इसके माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार मिलने में मदद मिल रही है.