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CBSE ने दिए सख्त निर्देश, बाज़ार में बिक रहीं नकली NCERT किताबें, स्कूलों को दी सलाह

सीबीएसई का कहना है कि छात्रों की पढ़ाई और उनकी समझ को सही दिशा देना बहुत ज़रूरी है। अगर बच्चे गलत या अधूरी जानकारी से पढ़ेंगे, तो उनकी नींव कमजोर होगी और आगे चलकर वे कई विषयों को ठीक से समझ नहीं पाएंगे.  नकली किताबें बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को बिगाड़ सकती हैं और उन्हें गलतफहमियों में डाल सकती हैं.

IMAGE SOURCE: SOCIAL MEDIA
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CBSE Fake Notebook:  हाल ही में सीबीएसई ने सभी स्कूलों को एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है. बोर्ड को यह पता चला है कि बाज़ार में नकली या जाली एनसीईआरटी की किताबें बेची जा रही हैं. ये किताबें देखने में भले असली जैसी लगती हों, लेकिन इनमें कई तरह की ग़लतियाँ और कमियाँ पाई जा रही हैं. कुछ दुकानदार और विक्रेता कम दाम बताकर इन नकली किताबों को छात्रों को बेच देते हैं, और माता-पिता को भी पता नहीं चलता कि किताब असली है या नहीं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि ऐसी खराब किताबें बच्चों की पढ़ाई को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा सकती हैं, क्योंकि इनमें न तो प्रिंट ठीक होता है और न ही जानकारी भरोसेमंद होती है। कई बार तो पन्नों का काग़ज इतना घटिया होता है कि जल्दी फट जाता है या अक्षर साफ़ पढ़ाई नहीं देते.

नकली किताबों में क्या-क्या दिक्कतें मिल रही हैं?


सीबीएसई के अनुसार इन नकली किताबों में कई गंभीर खामियाँ देखी गई हैं. कई बार किताबों में छपी सामग्री असली किताबों से बिल्कुल अलग होती है. कुछ पेजों पर गलत प्रिंटिंग मिलती है, तो कहीं-कहीं सवाल और जवाब गलत लिख दिए गए होते हैं. कुछ अध्यायों में जानकारी पूरी ही नहीं होती, जिससे बच्चा आधा-अधूरा पढ़कर भ्रमित हो सकता है. ऐसे में बच्चा पढ़ तो रहा होता है, लेकिन उसे सही ज्ञान नहीं मिल पाता और परीक्षा के समय दिक्कतें बढ़ जाती हैं. इसलिए सीबीएसई ने स्कूलों को कहा है कि वे इस मामले को हल्के में न लें और तुरंत सावधानी बरतें.

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स्कूलों को सीबीएसई ने क्या निर्देश दिए?

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सीबीएसई ने सभी स्कूल प्रमुखों को साफ तौर पर बताया है कि वे इस जानकारी को छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों तक ज़रूर पहुंचाएँ। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे अभिभावकों को समझाएँ कि वे हमेशा असली और अधिकृत एनसीईआरटी किताबें ही खरीदें. अगर स्कूल खुद किताबें मंगवाते हैं, तो उन्हें भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे केवल भरोसेमंद और अधिकृत स्रोतों से ही ऑर्डर करें. बोर्ड चाहता है कि स्कूल इस सूचना को नियमित रूप से मीटिंग, नोटिस और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के ज़रिए सबके साथ साझा करें, ताकि किसी के साथ धोखा न हो और बच्चे सुरक्षित रहें.

असली एनसीईआरटी किताबें कहाँ-कहाँ मिलेंगी?


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सीबीएसई ने चार ऐसे भरोसेमंद स्रोत बताए हैं, जहाँ से बिना किसी चिंता के असली एनसीईआरटी किताबें खरीदी जा सकती हैं.
एनसीईआरटी के क्षेत्रीय उत्पादन और वितरण केंद्र (RPDC) यहां से सीधे एनसीईआरटी द्वारा छपी किताबें मिलती हैं.
एनसीईआरटी की वेबसाइट पर दिए गए अधिकृत विक्रेता, ऑनलाइन लिस्ट में दर्ज सभी दुकानदार प्रमाणित होते हैं.
एनसीईआरटी की डाक आपूर्ति सेवा, किताबें घर पर सुरक्षित भेजी जाती हैं. ऑफिशियल एनसीईआरटी अमेज़न स्टोरफ्रंट – यहां असली किताबें ही बेची जाती हैं.
स्कूल चाहें तो अपने नज़दीकी RPDC से सीधी मदद भी ले सकते हैं.


यह कदम क्यों जरूरी है?


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सीबीएसई का कहना है कि छात्रों की पढ़ाई और उनकी समझ को सही दिशा देना बहुत ज़रूरी है. अगर बच्चे गलत या अधूरी जानकारी से पढ़ेंगे, तो उनकी नींव कमजोर होगी और आगे चलकर वे कई विषयों को ठीक से समझ नहीं पाएंगे.  नकली किताबें बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को बिगाड़ सकती हैं और उन्हें गलतफहमियों में डाल सकती हैं. इसी वजह से बोर्ड ने सभी स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे इस बात का सख्ती से पालन कराएँ और सुनिश्चित करें कि हर बच्चा केवल असली और सही किताबों से ही पढ़ाई करे.

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