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CBSE ने जारी की 10वीं बोर्ड परीक्षा की नई मार्किंग गाइडलाइन, इंटरनल मार्क्स में अब नहीं होंगी गलतियां
CBSE: मार्क्स डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ CBSE ने 2025–26 सत्र का पूरा सिलेबस भी जारी कर दिया है. यह सिलेबस 10वीं बोर्ड की तैयारी का मुख्य आधार है.
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CBSE Guidelines: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक अहम घोषणा की है. इस नोटिस में हर विषय के 100 अंकों को कैसे बांटा जाएगा. इसका पूरा पैटर्न बताया गया है. यानी अब यह साफ हो गया है कि किस विषय में थ्योरी कितने नंबर की होगी, प्रैक्टिकल या प्रोजेक्ट कितने नंबर के होंगे और इंटरनल असेसमेंट (IA) में कितने अंक मिलेंगे. नए सत्र में पढ़ रहे छात्रों के लिए यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वे अपनी तैयारी सही दिशा में कर सकेंगे और पता लगा पाएंगे कि उन्हें किन हिस्सों पर ज्यादा फोकस करना है.
स्कूलों की गलतियों पर CBSE की कड़ी चेतावनी
CBSE ने यह नोटिस इसलिए भी जारी किया है क्योंकि हर साल कई स्कूल प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट या IA के नंबर अपलोड करते समय गलतियां कर देते हैं. इन गलतियों का असर सीधा छात्रों की मार्कशीट पर पड़ता है और बाद में स्कूल नंबर सुधारने की मांग करते रहते हैं. लेकिन इस बार बोर्ड साफ कर चुका है कि किसी भी तरह की गलती माफ नहीं की जाएगी और बाद में सुधार का मौका नहीं मिलेगा. इसलिए स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस को ध्यान से पढ़ें और बिना किसी गलती के सभी अंक समय पर अपलोड करें.
100 अंकों का पूरा वितरण
नोटिस में बताया गया है कि हर विषय के 100 अंक चार हिस्सों में बांटे गए हैं थ्योरी, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमें. हालांकि हर विषय में इनका वेटेज अलग–अलग होता है. कुछ विषयों में थ्योरी का हिस्सा ज्यादा है, जबकि कुछ में प्रैक्टिकल का महत्व बढ़ जाता है. इसी वजह से छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि किस विषय में कितना वेटेज है. अगर किसी विषय में प्रैक्टिकल के ज्यादा अंक हैं, तो छात्रों को लैब वर्क, मौखिक परीक्षा, गतिविधियों और मॉडल तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना होगा. इससे उनकी तैयारी संतुलित रहेगी और अच्छे नंबर पाने की संभावना बढ़ेगी.
अंकों की अपलोडिंग और बाहरी परीक्षक की जानकारी
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बोर्ड ने इस नोटिस में यह भी बताया है कि किन विषयों में बाहरी परीक्षक लगाए जाएंगे और किन विषयों में स्कूल खुद परीक्षा लेगा. कुछ प्रैक्टिकल विषयों में बोर्ड की ओर से दी गई उत्तर पुस्तिकाएं (answer sheets) इस्तेमाल होंगी, जबकि कुछ में स्कूल अपनी कॉपियां इस्तेमाल करेगा. यह सारी जानकारी इसलिए साझा की गई है ताकि छात्रों और स्कूलों को पहले से पता रहे कि परीक्षा का तरीका क्या होगा और कागजी काम कैसे होगा.
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छात्रों के लिए नोटिस क्यों है जरूरी?
अक्सर देखा जाता है कि छात्र सिर्फ थ्योरी पर ध्यान देते हैं और इंटरनल असेसमेंट या प्रोजेक्ट वर्क को उतना महत्व नहीं देते. जबकि कई विषयों में IA के 20–30 नंबर होते हैं, जो फाइनल रिजल्ट में बड़ा फर्क डालते हैं. अगर छात्रों को पहले से वेटेज की जानकारी होगी, तो वे साल भर अपनी तैयारी को सही तरीके से प्लान कर सकेंगे और कमजोर हिस्सों पर ज्यादा मेहनत कर पाएंगे.
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नया सिलेबस और सैंपल पेपर भी जारी
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मार्क्स डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ CBSE ने 2025–26 सत्र का पूरा सिलेबस भी जारी कर दिया है. यह सिलेबस 10वीं बोर्ड की तैयारी का मुख्य आधार है. बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए सैंपल पेपर्स भी उपलब्ध हैं, जिनमें सवालों का स्तर और मार्किंग स्कीम दोनों दी गई हैं. छात्र इन्हें हल करके अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं. यह सैंपल पेपर्स इसलिए भी जरूरी हैं क्योंकि इन्हीं के आधार पर असली बोर्ड परीक्षा के सवाल तैयार किए जाएंगे.