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CBSE का बड़ा फैसला: अब सभी स्कूलों में अनिवार्य होंगे CCTV कैमरे, 15 दिन तक रखनी होगी रिकॉर्डिंग
CBSE की यह पहल स्कूल परिसरों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस और समयानुकूल कदम मानी जा रही है. बीते वर्षों में स्कूली परिसरों में होने वाली घटनाओं और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच यह निर्णय न सिर्फ आवश्यक था, बल्कि इससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों दोनों को आश्वासन मिलेगा कि बच्चे एक सुरक्षित वातावरण में अध्ययन कर रहे हैं.
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CBSE: छात्रों की सुरक्षा और स्कूलों में अनुशासन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक अहम कदम उठाया है.बोर्ड ने देशभर के अपने सभी संबद्ध स्कूलों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है. इसके लिए सीबीएसई ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें स्कूल परिसरों में कैमरों की स्थापना, उनकी गुणवत्ता और रिकॉर्डिंग से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से बताया गया है.
उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे और 15 दिन की रिकॉर्डिंग अनिवार्य
CBSE द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों को अब हाई-रिज़ॉल्यूशन ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग वाले कैमरे लगाने होंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को कम से कम 15 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है. यह प्रावधान आपातकालीन स्थिति में साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्डिंग का उपयोग करने के लिए बेहद जरूरी है.इसके साथ ही सीबीएसई ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी स्कूल जल्द से जल्द इस व्यवस्था को लागू करें. बोर्ड समय-समय पर स्कूलों द्वारा इस गाइडलाइन के अनुपालन की निगरानी भी करेगा, और नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
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स्कूल के किन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे कैमरे?
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सीबीएसई की गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि कैमरे स्कूल के केवल सामान्य और सार्वजनिक क्षेत्रों में लगाए जाएंगे. इनमें शामिल हैं:
प्रवेश और निकास द्वार
लॉबी और गलियारे
सीढ़ियाँ
कक्षाएं
प्रयोगशालाएं
पुस्तकालय
कैंटीन
स्टोर रूम
खेल का मैदान
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इन क्षेत्रों में कैमरों की मदद से विद्यालय प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रख सकेगा, जिससे अनुशासन और सुरक्षा दोनों को बेहतर बनाया जा सकेगा.
निजता का भी रखा गया है पूरा ध्यान
हालांकि सुरक्षा बढ़ाने के इस कदम में बच्चों की निजता का भी पूरा सम्मान किया गया है. सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि शौचालयों और वॉशरूम जैसे निजी स्थानों में किसी भी प्रकार के कैमरे नहीं लगाए जाएंगे. इससे छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार की रक्षा होती है.
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बच्चों की सुरक्षा के लिए अहम कदम
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CBSE की यह पहल स्कूल परिसरों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस और समयानुकूल कदम मानी जा रही है. बीते वर्षों में स्कूली परिसरों में होने वाली घटनाओं और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच यह निर्णय न सिर्फ आवश्यक था, बल्कि इससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों दोनों को आश्वासन मिलेगा कि बच्चे एक सुरक्षित वातावरण में अध्ययन कर रहे हैं.