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दिल्ली के मेडिकल छात्रों के लिए बुरी खबर: जामिया हमदर्द ने MBBS और PG कोर्स की सभी सीटें वापस लीं

इस फैसले से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है, खासकर उन लोगों का जो HIMSR को पहली पसंद के रूप में देख रहे थे। MBBS और PG जैसे पेशेवर कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी होती है, ऐसे में सीटों का अचानक वापस लिया जाना हजारों छात्रों के लिए निराशा और असमंजस की स्थिति पैदा कर सकता है.

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JNU: दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों को एक बड़ा झटका लगा है.जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए MBBS और PG मेडिकल कोर्स की सभी सीटें वापस ले ली हैं.इस फैसले से मेडिकल कॉलेज 'हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च' (HIMSR) में दाखिला लेने की उम्मीद लगाए बैठे सैकड़ों छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.

NMC की सीट मैट्रिक्स में HIMSR के लिए ‘0’ सीटें

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा जारी की गई अस्थायी सीट मैट्रिक्स में HIMSR के नाम के सामने शून्य सीट दर्ज हैं. HIMSR को 2012 में जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के तहत स्थापित किया गया था और इसे दिल्ली का एक प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान माना जाता है. लेकिन अब यह मेडिकल संस्थान नीट काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो गया है, जिसकी शुरुआत 21 जुलाई से हो रही है.

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विश्वविद्यालय ने खुद को सीटों की मान्यता से अलग किया

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6 जून 2025 को जामिया हमदर्द के रजिस्ट्रार ने NMC को पत्र लिखकर बताया कि कुछ निजी हस्तक्षेपों के चलते विश्वविद्यालय का HIMSR के पोर्टल और प्रवेश प्रक्रिया पर से नियंत्रण खत्म हो गया है। ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय ने MBBS और PG कोर्स की मान्यता से खुद को अलग करने का फैसला किया.

कुलपति ने जताई चिंता, कॉलेज पर लगाए गंभीर आरोप

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जामिया हमदर्द के कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद अफशर आलम ने कहा कि उन्होंने HIMSR को कई बार UGC के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी की. विश्वविद्यालय, जो UGC के सभी मानदंडों को मानता है, अब इस मामले में न्यायालय से सकारात्मक हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है. जब तक कानूनी रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक HIMSR में नए छात्रों का दाखिला संभव नहीं होगा।

आर्थिक घोटाले बने विवाद की वजह

इस पूरे विवाद की जड़ में HIMSR और उससे जुड़ा HAH सेंटेनरी अस्पताल है, जिससे संबंधित आर्थिक अनियमितताएं सामने आई हैं. CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2023 के बीच लगभग 813 करोड़ रुपये हमदर्द एजुकेशन सोसाइटी को ट्रांसफर किए गए, जो UGC नियमों का सीधा उल्लंघन है. CAG ने इसे संसाधनों का दुरुपयोग करार दिया, जिससे छात्रों और स्टाफ दोनों के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है.

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छात्रों के भविष्य पर संकट

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इस फैसले से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है, खासकर उन लोगों का जो HIMSR को पहली पसंद के रूप में देख रहे थे। MBBS और PG जैसे पेशेवर कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी होती है, ऐसे में सीटों का अचानक वापस लिया जाना हजारों छात्रों के लिए निराशा और असमंजस की स्थिति पैदा कर सकता है.

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