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‘…तो ईरान की खैर नहीं’, ट्रंप की खामेनेई को सीधी धमकी, ईरान पर हमले को तैयार अमेरिका, जल्द शुरु होगा युद्ध!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है, कि अगर ईरान के अधिकारी विरोध प्रदर्शन करने वालों को फांसी पर लटकाते हैं, तो अमेरिका बहुत मज़बूत कार्रवाी करेगा.

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अमेरिका एक ऐसा देश है जो दुनिया में अपने वर्चस्व को क़ायम रखने के लिए बाहुबल का इस्तेमाल करता है. जो देश उसका कहना नहीं मानते, फिर उनके ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचता है, और फिर उसपर हमला करके अपने किसी पिट्ठू को उस देश की सत्ता सौंप देता है. इस तरह की रणनीति अमेरिका शुरू से ही अपनाता रहा है. कुल मिलाकर अमेरिका पूरी दुनिया में अपना दबदबा चाहता है. और दूसरे देशों से उम्मीद करता है कि वे अमेरिका की ‘हां’, में ‘हां’, और ‘ना’ में ‘ना’ करें, बस. कुल मिलाकर अमेरिका को अपना आका बना लें. और जो अमेरिका का कहना नहीं मानता फिर अमेरिका उसके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय मंच पर षड्यंत्र रचना शुरू कर देता है. ट्रंप ने भारत के साथ क्या किया, आपको अच्छी तरह पता है. भारत पर टैरिफ का बोझ देने के बाद ट्रंप को ऐसा लगा कि भारत उनके सामने गिड़गिड़ाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, भारत अमेरिका के सामने झुका नहीं. और न ही रूस के साथ अपनी दोस्ती को कम किया. नतीजा ये हुआ कि अमेरिका बौखला गया. ऐसा ही कुछ ईरान के साथ भी हो रहा है.

अमेरिका ने ईरान में परमाणु ठिकानों को किया था नष्ट

ईरान भारत का हमेशा से दोस्त रहा है. रूस भी ईरान का दोस्त है. तीनों देशों के बीच कई व्यापारिक संबंध हैं. ईरान एक ऐसा देश हैं जो परमाणु शक्ति हासिल करने को लेकर हमेशा से चर्चा में रहा है. पिछले साल इज़रायल ने ईरान पर हमला भी किया था लेकिन ईरान ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया. नतीजा ये हुआ कि अमेरिका को बीच में कूदना पड़ा. खैर, दोनों देशों के बीच संघर्षविराम हुआ. वहीं, अमेरिका ने भी ईरान में हमला करके कई परमाणु ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया. जिसके जवाब में ईरान ने कतर में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमला कर दिया, और धमकी दी कि भविष्य में इज़रायल या अमेरिका इस तरह का हमला करता है, तो फिर अंजाम के लिए भी तैयार रहेगा. 

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ईरान में प्रदर्शन के पीछे अमेरिका का हाथ?

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ईरान में इस वक्त खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस प्रदर्शन की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है, और सबकी नजर इस पर बनी हुई है. ईरान का कहना है कि विदेशी ताकतें इस प्रदर्शन को हवा दे रही हैं, और इसे जानबूझकर सुलगाया जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ इस प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिका को ईरान के ख़िलाफ़ बोलने का एक और मौका मिल गया है. ट्रंप बार-बार चेता रहे हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नरमी नहीं बरती गई तो अमेरिका एक्शन ले सकता है. ट्रंप ने इस बार सख्त चेतावनी दी है कि ‘ईरान में प्रदर्शनकारियों को फांसी दी तो खैर नहीं’. ऐसे में यही कह जा रहा है कि अमेरिका को एक बहाना मिल गया है. और अमेरिका फिराक में है कि इसका फायदा उठाया जाए. वहीं, ईरान के साथ-साथ रूस ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की, तो फिर ठीक नहीं होगा. 

ईरान पर हमला अमेरिका के लिए होगा आसान?

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अमेरिका जिस तरह से ईरान पर अपनी नजर बनाए हुए है, ये देखकर तो यही कहा जा रहा है कि अमेरिका बस ईरान पर हमले की फ़िराक़ में है. जैसे उसने वेनेजुएला पर किया और वहां के राष्ट्रपति को बंधक बनाकर अपने साथ ले आया. लेकिन सवाल ये है कि ईरान पर हमला करना, क्या वेनेजुएला जितना आसान होगा? पिछले साल इज़रायल के साथ सैन्य झपड़ में ईरान ने अपनी ताक़त दिखाई थी. इज़रायल की सुरक्षा कवच को भी भेद दिया था. अमेरिका को भी मुंहतोड़ जवाब दिया था. वहीं, ईरान के समर्थन में रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया जैसे कई ताक़तवर देश खड़े हो गए थे. अमेरिका फिर से ईरान को धमकी दे रहा है, लेकिन उसपर हमला करना इतना आसान नहीं होगा. अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो ये तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत भी हो सकती है. इसलिए अमेरिका भी जो भी कदम उठाएगा, काफी सोच विचारकर ही उसे उठाना पड़ेगा.

 

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