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हवस ने पेंटिंग को भी नहीं छोड़ा… दीवारों पर महिलाओं की अश्लील कलाकृति, छात्रा ने छेड़ी जंग तो प्रशासन को आई शर्म!

कुछ गंदी मानसिकता वाले लोगों ने महिला की योगा करती काली कलाकृतियों में अपनी काली सोच पोत दी. जिसकी भी नजर इन पेंटिंग्स पर पड़े वो गुस्से और शर्म से भर जाए.

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09 Jan 2026
( Updated: 09 Jan 2026
07:07 AM )
हवस ने पेंटिंग को भी नहीं छोड़ा… दीवारों पर महिलाओं की अश्लील कलाकृति, छात्रा ने छेड़ी जंग तो प्रशासन को आई शर्म!
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Gwalior Viral Yoga Painting: टाइम बदल गया, जमाना बदल गया, तौर तरीके बदल गए, लेकिन सोच है कि बदलने का नाम नहीं ले रही. ओछी, नीच, घटिया, घिनौनी… श्रेणियां कम पड़ जाएंगी. जब एक घातक सोच दीवारों पर पेंटिंग के जरिए महिलाओं को डराएगी. जिसके जरिए बताया गया कि मां की कोख से कब्र तक महिलाएं कहीं सुरक्षित नहीं हैं यहां तक कि पेंटिंग में भी नहीं.

ग्वालियर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनी पेंटिंग्स ने न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए बल्कि उनकी अस्मिता को भी तार-तार कर दिया. इस पूरे मामले को समझने के लिए सबसे पहले कुछ तस्वीरें देखनी जरूरी हैं. 

तस्वीर 

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स्मार्ट सिटी के तहत महिलाओं की योगा करती तस्वीरों में प्राइवेट पार्ट वाले हिस्सों से छेड़छाड़

ये तस्वीर ग्वालियर शहर की दीवारों पर बनाई गई है. वो भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत. दीवारों पर महिलाओं के 'ब्लैक सिलुएट' यानी काली छायाकृतियां (Shadow Image) बनाई गई थीं. तस्वीरों में महिलाओं को योग करते हुए दर्शाया गया है, लेकिन शहर के कुछ गंदी मानसिकता वाले लोगों ने इन काली कलाकृतियों में अपनी काली सोच की मानसिकता पोत दी. महिलाओं की इन तस्वीरों में प्राइवेट पार्ट वाली जगहों से छेड़छाड़ की गई. मतलब उस जगह को स्क्रैच कर जानबूझकर बिगाड़ा गया. पेंटिंग के उन हिस्सों को हाइलाइट किया गया. 

11वीं की छात्रा ने उठाई आवाज 

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योगा करती महिलाओं की साधारण सी कलाकृतियों में अश्लीलता की कालिख भरी गई और लोग रोज आते जाते इन तस्वीरों को देखते हुए गुजर जाते. किसी को इनसे कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन समाज की इस भद्देपन के खिलाफ एक 11वीं की छात्रा ने आवाज उठाई. उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया और नगर निगम प्रशासन को नींद से जगाया. इसके बाद काली मानसिकता को उजागर करती इन तस्वीरों पर आनन-फानन में सफेदी पोती गई. 

दीवार पर सफेदी करती नगर निगम की टीम

‘महिलाएं पेंटिंग्स में भी सेफ नहीं’

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11वीं क्लास की छात्रा आशी कुशवाह ने बताया, वह हर दिन इस सड़क से गुजरती हैं हर दिन इन तस्वीरों से सामना होता है, घिन आती है, गुस्सा आता है और दिल टूट जाता है. ग्वालियर को गर्व से स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन यहां के लोगों में स्मार्टनेस कहां है? महिलाएं पेंटिंग्स में भी सुरक्षित नहीं हैं. आशी ने अपने सोशल मीडिया पेंटिंग्स के वीडियो भी शेयर किए और लिखा स्मार्ट सिटी कहना बिल्कुल बेकार है जब महिला की पेंटिंग्स भी सेफ नहीं. 

पेंटिंग के खराब हिस्सों को सही करते छात्र

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आशी का वीडियो वायरल हुआ, लोगों का साथ मिला, सबसे पहले तो कुछ छात्र ही वहां पहुंचे और खराब किए गए हिस्सों को सही किया. छात्र सामने आए, जिन्हें GenZ कहा जाता है वो भी ब्रश लेकर पहुंचे. लड़कों को और बच्चों को भी शर्म आई, शहर की छवि खराब हुई लेकिन न बड़े लोगों को फर्क पड़ा न प्रशासन को. मामला तूल पकड़ने लगा तो नगर निगम की नींद खुली और दीवारों पर सफेदी रंग पुतवाया. अश्लीलता को सफेदी से ढका गया. आशी की मेहनत को रंग लाई, लेकिन ऐसे मामले डराते हैं, वहशीयाना सोच ने पेंटिंग को भी नहीं बख्शा तो क्या सच में महिलाएं उनसे सुरक्षित रह पाएंगी? 

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