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दुश्मनों के लिए खौफ, तिरंगे की ढाल... कर्तव्य पथ पर मोदी के ‘जेम्स बॉन्ड’ की पैनी नजर, जानिए NSA अजीत डोभाल की मौजूदगी के क्या हैं मायने?
NSA Ajit Doval: गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में कर्तव्य पथ पर NSA अजीत डोभाल की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा है. समझिए उनकी मौजूदगी के क्या मायने हैं.
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देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा झंडा फहराया गया. इस बार छत्तीसगढ़ में बस्तर के उन नक्सल प्रभावित 47 गांवों में भी तिरंगा फहराया गया, जहां दशकों से लोकतंत्र ऑक्सीजन पर था. आज़ाद देश में भी तिरंगा ध्वज फहराने से लोग डरते थे. लेकिन इस बार के गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के मस्तिष्क पर लगा दशकों पुराना कलंक मिट गया. और पूरे गाँव वालों ने उत्साह के साथ झंडा फहराया. ये एक ऐतिहासिक पल था. इसके साथ ही गणतंत्र दिवस का समारोह भारत के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक और गौरवशाली रहा. कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति, तकनीकी प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला.
सैन्य प्रदर्शन में दुनिया ने भारत की ताकत देखी
कर्तव्य पथ पर सैन्य प्रदर्शन ने भारत की ताक़त और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को बयान किया तो वहीं सांस्कृतिक झांकियों ने भारत की विविधता में एकता को एक बार फिर से ताजा कर दिया. भारतीय सेना ने पहली बार ‘फेज्ड बैटल एरे’ (Phased Battle Arrey) का प्रदर्शन किया, जिसमें युद्ध के मैदान का पूरा दृश्य दिखा. परेड में स्वदेशी हथियार जैसे, धनुष गन सिस्टम, आकाश मिसाइल, ब्रह्मोस और भीष्म (T-90) टैंकों का प्रदर्शन किया गया.
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सांस्कृतिक झलकियों ने पेश किया अद्भुत नजारा
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कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक झलकियों ने देश की विभिन्न संस्कृती को दिखाया. कुल 30 झांकियां निकाली गईं, जिनमें पंजाब की झांकी और संस्कृति मंत्रालय की ‘वंदे मातरम’ थी वाली झांकी विशेष रही. राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरी परेड में इसकी गूँज सुनाई दी.
अजीत डोभाल की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा
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77वें गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा. कर्तव्य पथ पर आयोजित इस भव्य परेड के दौरान उनकी मौजूदगी न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए.
पीएम मोदी के जेम्स बॉन्ड हैं अजीत डोभाल
अजीत डोभाल को प्रधानमंत्री मोदी का जेम्स बॉन्ड माना जाता है. देश की सुरक्षा में इनका अनुभव हमेशा से कारगर साबित हुआ है तो वहीं, इनकी नीतियों ने दुश्मन देशों के पसीने छुड़ाए हैं. ऐसे में अजीत डोभाल का कर्तव्य पथ पर उपस्थित होना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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समय से पहले ही पहुँच गए थे अजीत डोभाल
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गणतंत्र दिवस के अवसर पर अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने से कुछ समय पहले ही कर्तव्य पथ पर पहुंच गए थे. उनकी सतर्कता और कार्यक्रम की बारीकियों पर नजर रखने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं. देश के शीर्ष सुरक्षा रणनीतिकार के रूप में, डोभाल परेड की सुरक्षा व्यवस्थाओं और 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) जैसे सैन्य प्रदर्शनों के गवाह बने, जो इस साल की परेड का मुख्य हिस्सा थे. आपको बता दें कि अभी हाल ही में, गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले ही अजीत डोभाल ने 'रायबार-7' कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और "इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ने" का आह्वान किया था. कर्तव्य पथ पर उनकी उपस्थिति को इसी मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के रूप में देखा गया.