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चीन में मौत का कारण बन रहे कार के फ्लश डोर हैंडल, सरकार ने लगाया बैन, जानें नए निर्देश

कार कंपनियों को चीन में अपनी कारें चलानी हैं तो फ्लश डोर हैंडल का इस्तेमाल बंद करना होगा. शी जिनपिंग सरकार ने बढ़ते हादसों के बाद ये कदम उठाया है और ऐसा करने वाला चीन दुनिया का पहला देश बन गया है.

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05 Feb 2026
( Updated: 05 Feb 2026
06:07 AM )
चीन में मौत का कारण बन रहे कार के फ्लश डोर हैंडल, सरकार ने लगाया बैन, जानें नए निर्देश
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Car Flush Door Handles Banned In China: क्या कार में लगे फ्लश डोर हैंडल (Flush Door Handles) भी किसी को नुकसान पहुंचा सकते हैं? नुकसान भी इतना कि किसी की जान तक चली जाए और इन पर बैन लगाना पड़ जाए. ऐसा हुआ है चीन में, जहां जिनपिंग सरकार ने कारों में फ्लश डोर हैंडल के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है. चीन ने ये फैसला जानलेवा हादसों के बाद लिया है. 

चीन में एक जनवरी 2027 से कार कंपनियों को अपनी कारों के दरवाजों में मैकेनिकल हैंडल देना जरूरी होगा. ये दरवाजों के अंदर और बाहर दोनों ओर होगा. जबकि फ्लश डोर हैंडल पर बूरी तरह बैन लगा दिया गया है. ये फैसला एक जनवरी 2027 से लागू होगा. ये कदम उठाने वाला चीन दुनिया का पहला देश बन गया है. 

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Flush Door Handles कार को स्टाइलिश लुक देते हैं

क्या है फ्लश डोर हैंडल? 

फ्लश डोर हैंडल नॉर्मल खींचने या उभार वाले हैंडल से अलग होते हैं 
यह कार के दरवाजे के अंदर धंसे रहते हैं जो लगभग दिखाई नहीं देते
कंपनियां कार को स्टाइलिश लुक देने के लिए फ्लश डोर हैंडल लगाती हैं 
फ्लश डोर हैंडल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से ऑपरेट होता है और इसमें टच या सेंसर से एक्टिव होता है 
सबसे पहले साल 2012 में हैंडल की ये डिजाइन टेस्ला की कार SS में नजर आई थी
इसके बाद कोरियन, जापान और ब्रिटिश कार कंपनियों ने इसे अपने मॉडल में अपनाया
भारतीय कंपनियों में महिंद्रा ने भी अपनी कई कारों में फ्लश डोर हैंडल लगाया है 

कैसे चीन में जानलेवा बना फ्लश कार डोर हैंडल? 

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दरअसल, चीन में ऐसे कई मामले सामने आए थे. जिसमें दुर्घटना के समय कार के फ्लश डोर हैंडल ने काम करना बंद कर दिया और लोग अंदर ही फंसे रह गए. कई केस में बैटरी फेल हो गई और हैंडल ने काम करना बंद कर दिया. दरवाजा अंदर या बाहर दोनों तरफ से पुश/पुल करने के बाद भी नहीं खुल पाया यानी डोर पूरी तरह लॉक हो गया. एक रिपोर्ट की मुताबिक, ये इश्यू सबसे ज्यादा टेस्ला की कारों में हुआ. ऐसे 15 हादसे दर्ज किए गए थे. 

यह भी पढ़ें- ग्रैमी अवॉर्ड में ट्रंप के खिलाफ गूंजा ICE OUT का नारा, कौन हैं सिंगर बिली आइलीश, जिन्होंने US को कहा ‘चोरी की जमीन’

एक हादसे में कार में आग लगने के बाद हैंडल ने काम करना बंद कर दिया. जिससे ड्राइवर की अंदर ही जलकर मौत हो गई थी. इसी तरह कहीं साइबर ट्रक में बैटरी फेल हो गई तो कहीं टेक्निकल समस्या के कारण हैंडल ने काम करना बंद दिया. इन गंभीर परिणामों के बाद चीन सरकार ने कार कंपनियों को सख्ती से मैकेनिकल हैंडल लगाने के निर्देश दिए. 

क्या है चीन का नया नियम? 

चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नए नियम जारी किए हैं. इसके तहत सभी कार दरवाजों में मैकेनिकल रिलीज सिस्टम होना जरूरी है. कार डोर में कम से कम 60 मिमी × 20 मिमी × 25 मिमी की हाथ से खोलने वाली जगह होनी चाहिए. ऐसे में कार कंपनियों को अब बदलाव करना होगा. चीन में कार हादसों से सुरक्षा चिंताओं के चलते यह बड़ा फैसला लिया गया है. 

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