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इंतजार खत्म! Tesla की भारत में एंट्री...मॉडल Y हुआ लॉन्च, सिर्फ ₹22000 देकर करें बुकिंग; जानें कीमत और फीचर्स

टेस्ला की भारत में एंट्री सिर्फ एक कंपनी का विस्तार नहीं है, बल्कि यह भारतीय इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है. इसकी मौजूदगी से देश में EV टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा.

Image Credit: Tesla car
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Tesla Car Launch: भारत, जो आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है, अब इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. जून 2025 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 13,178 यूनिट्स तक पहुंच गई है. इसका मतलब यह हुआ कि भारत में बिकने वाली हर 100 कारों में से 4 से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां हैं. इसी उभरते हुए बाजार को देखते हुए एलन मस्क की कंपनी Tesla ने आखिरकार भारत में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है. 15 जुलाई को मुंबई के BKC (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) में टेस्ला ने अपना पहला शोरूम और एक्सपीरियंस सेंटर खोला है. यह न सिर्फ कंपनी के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि भारतीय ग्राहकों के लिए एक बड़ा मौका है कि वे टेस्ला जैसी इंटरनेशनल ब्रांड की कारें अब अपने देश में खरीद सकें.

 सीएम फडणवीस ने किया उद्घाटन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मौके को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि टेस्ला ने न सिर्फ मुंबई से अपनी शुरुआत की है, बल्कि इसके साथ डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और सर्विसिंग जैसे पूरे सिस्टम की भी नींव रखी है. इससे महाराष्ट्र को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में और मजबूती मिलेगी. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों की वजह से महाराष्ट्र अब देश में EV सेक्टर में अग्रणी बन चुका है. टेस्ला का इकोसिस्टम यानि चार्जिंग स्टेशन, सर्विस सेंटर और सप्लाई चेन धीरे-धीरे यहीं से पूरे देश में फैलेगा.

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 भारत के लिए Tesla Model Y: कीमत और खासियतें

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भारत में टेस्ला की शुरुआत Model Y से हो रही है, जो एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV है. यह कार दुनियाभर में टेस्ला की सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से एक है. लेकिन भारत में इसका सफर थोड़ा अलग है, क्योंकि ये कारें पूरी तरह से अमेरिका और चीन से इंपोर्ट की जा रही हैं. ऐसे में भारी भरकम 70% तक की इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स लगने के कारण इसकी कीमत काफी ज्यादा हो जाती है. टेस्ला Model Y की बुकिंग के लिए आपको सिर्फ ₹22,000 देने होंगे.

अगर बेस मॉडल की बात करें, तो इसकी बिना टैक्स कीमत लगभग ₹27 लाख है. लेकिन सभी टैक्स और ड्यूटी जोड़ने के बाद इसकी कीमत करीब ₹48 लाख हो जाती है. वहीं, कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, Model Y रियर-व्हील ड्राइव वर्जन की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹59.89 लाख है, जो ऑन-रोड करीब ₹61 लाख पड़ती है. इसके लॉन्ग रेंज रेड वेरिएंट की कीमत ₹68.14 लाख तक बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड कीमत लगभग ₹71 लाख होगी.

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टेस्ला की बाकी कारें: भविष्य में भारत में क्या-क्या आ सकता है

Tesla Model Y के अलावा कंपनी की कुछ और कारें भी दुनियाभर में मशहूर हैं, जो आगे चलकर भारत में भी देखने को मिल सकती हैं. Model S एक लग्ज़री सेडान कार है, जिसे 2012 में लॉन्च किया गया था और यह आज भी हाई-एंड सेगमेंट में पसंद की जाती है. Model X एक फैमिली SUV है जो अपने फाल्कन विंग डोर्स और शानदार इंटीरियर के लिए जानी जाती है. वहीं Model 3, जिसे कंपनी की पहली 'सस्ती' कार माना गया था, ने मिडल क्लास को भी टेस्ला का सपना देखने का मौका दिया. इन कारों का भारत आना इस बात पर निर्भर करेगा कि भविष्य में भारत में स्थानीय निर्माण (local manufacturing) की दिशा में टेस्ला क्या कदम उठाती है.

भारत में टेस्ला की यात्रा: एक दशक पुराना सपना अब साकार

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टेस्ला की भारत में एंट्री आज की बात नहीं है. 2016 में ही कंपनी ने Model 3 के लिए भारत से प्री-ऑर्डर लेना शुरू कर दिया था, लेकिन हाई इम्पोर्ट ड्यूटी के चलते प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका. 2017 में एलन मस्क ने भारत के 100% इम्पोर्ट टैक्स को "सबसे बड़ी बाधा" बताया था. इसके बाद 2021 में कंपनी ने बेंगलुरु में एक यूनिट रजिस्टर की और 2022 में भारत के लिए कुछ मॉडल्स की होमोलोगेशन प्रक्रिया भी शुरू की। 2023 में महाराष्ट्र और गुजरात में फैक्ट्री के लिए चर्चा हुई लेकिन बात नहीं बनी.

2024 में भारत सरकार ने नई EV नीति (SPMEPCI) लागू की, जिसमें शर्तों के साथ $35,000 से ऊपर की कीमत वाली गाड़ियों पर इम्पोर्ट ड्यूटी को घटाकर 15% कर दिया गया. लेकिन टेस्ला इस नीति में शामिल नहीं हुई. इसके बावजूद कंपनी ने 2025 की शुरुआत में भारत में रिटेल और सर्विस नेटवर्क के लिए भर्तियां शुरू कर दीं और अब जुलाई 2025 में मुंबई में पहला शोरूम खोलकर इस सपने को साकार कर दिया है.

टेस्ला की भारत में एंट्री सिर्फ एक कंपनी का विस्तार नहीं है, बल्कि यह भारतीय इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है. इसकी मौजूदगी से देश में EV टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही दूसरी कंपनियों को भी मजबूती से प्रतिस्पर्धा करने की प्रेरणा मिलेगी. फिलहाल टेस्ला की कारें आम आदमी की पहुंच से बाहर लग सकती हैं, लेकिन अगर भविष्य में कंपनी भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करती है, तो कीमतें कम होने की पूरी संभावना है. टेस्ला की यह शुरुआत भारतीय सड़कों पर एक इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर पहला मजबूत कदम है.

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