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ड्राइवर्स के लिए खुशखबरी, अब सिर्फ 1 दिन में मिलेगा चिप वाला ड्राइविंग लाइसेंस
Driving License Chip Rules: टेस्ट पास करने के बाद अब बिहार में 24 घंटे के अंदर लाइसेंस मिलना संभव हो जाएगा. कुल मिलाकर यह फैसला बिहार के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और इससे लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाएगी.
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Driving License Rules: भारत में रोजमर्रा की जिंदगी में कई जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. इन्हीं में से एक बहुत अहम दस्तावेज ड्राइविंग लाइसेंस है. अगर किसी को बाइक, कार या कोई भी वाहन चलाना है, तो ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है. बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर जुर्माना भी लग सकता है और कानूनी परेशानी भी हो सकती है. इसलिए हर वाहन चालक के लिए लाइसेंस बनवाना जरूरी होता है. ड्राइविंग लाइसेंस आमतौर पर 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को दिया जाता है. पहले लर्निंग लाइसेंस बनता है और उसके बाद ड्राइविंग टेस्ट पास करने पर स्थायी लाइसेंस जारी किया जाता है. पहले इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था. कई बार लोगों को लाइसेंस कार्ड मिलने में हफ्तों या महीनों तक इंतजार करना पड़ता था. लेकिन अब बिहार सरकार ने इस व्यवस्था को और तेज बनाने के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है.
बिहार सरकार का नया आदेश
अगर आप बिहार में रहते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत अच्छी है. बिहार सरकार ने नया आदेश जारी किया है, जिसके बाद अब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सरकार का कहना है कि जैसे ही कोई व्यक्ति ड्राइविंग टेस्ट पास करेगा, वैसे ही 24 घंटे के अंदर उसे चिप वाला ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा. पहले लाइसेंस कार्ड बनने और मिलने में काफी समय लग जाता था. कई बार तकनीकी कारणों या कार्ड की कमी की वजह से देरी हो जाती थी. लेकिन अब नए सिस्टम के तहत इस प्रक्रिया को तेज और भरोसेमंद बनाया जा रहा है. चिप वाला लाइसेंस ज्यादा सुरक्षित भी होता है और इसमें व्यक्ति की पूरी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती है.
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परिवहन विभाग को सख्त निर्देश
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इस नए आदेश को सही तरीके से लागू करने के लिए परिवहन विभाग को साफ निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने कहा है कि राज्य के सभी जिलों में लाइसेंस और वाहन पंजीकरण (आरसी) की प्रिंटिंग व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए. हर जिले में कम से कम 90 दिनों तक काम आने वाली कार्ड प्रिंटिंग सामग्री पहले से उपलब्ध रखी जाए. अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर किसी जिले में देरी होती है या व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है. यह आदेश परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जारी किया.
बढ़ते आवेदनों को देखते हुए फैसला
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परिवहन विभाग के अनुसार बिहार में हर महीने करीब 55 हजार से ज्यादा लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं.आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है, ताकि लोगों को समय पर सुविधा मिल सके.
आवेदन करने के तरीके
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ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के दो आसान तरीके हैं. पहला तरीका ऑनलाइन है, जिसमें आप सरकारी पोर्टल पर जाकर घर बैठे आवेदन कर सकते हैं. दूसरा तरीका ऑफलाइन है, जिसमें आप अपने नजदीकी परिवहन कार्यालय जाकर आवेदन कर सकते हैं. दोनों ही तरीकों में ड्राइविंग टेस्ट देना जरूरी होता है. टेस्ट पास करने के बाद अब बिहार में 24 घंटे के अंदर लाइसेंस मिलना संभव हो जाएगा. कुल मिलाकर यह फैसला बिहार के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और इससे लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाएगी.