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Cab Strike Today: ओला, उबर और रैपिडो बंद, बाहर निकलने से पहले जान लें कब तक नहीं मिलेगी सर्विस?

Today Cab Strike: ड्राइवरों ने इस हड़ताल को “ऑल इंडिया ब्रेकडाउन” नाम दिया है. हड़ताल के दौरान ड्राइवर अपने मोबाइल ऐप बंद रखेंगे, जिस वजह से कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी मिलना काफी मुश्किल हो सकता है. ऐसे में बेहतर यही रहेगा कि आप पहले से ही मेट्रो, बस या किसी दूसरे साधन का इंतजाम कर लें.

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07 Feb 2026
( Updated: 07 Feb 2026
07:18 AM )
Cab Strike Today: ओला, उबर और रैपिडो बंद, बाहर निकलने से पहले जान लें कब तक नहीं मिलेगी सर्विस?
Image Source: Social Media
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Cab Strike Today: अगर आप शनिवार यानी 7 फरवरी को ओला, उबर या रैपिडो से कहीं जाने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ा सतर्क हो जाइए. इन तीनों ऐप-आधारित सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. ड्राइवरों ने इस हड़ताल को “ऑल इंडिया ब्रेकडाउन” नाम दिया है. हड़ताल के दौरान ड्राइवर अपने मोबाइल ऐप बंद रखेंगे, जिस वजह से कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी मिलना काफी मुश्किल हो सकता है. ऐसे में बेहतर यही रहेगा कि आप पहले से ही मेट्रो, बस या किसी दूसरे साधन का इंतजाम कर लें.

हड़ताल क्यों कर रहे हैं ड्राइवर

इस हड़ताल की अगुवाई तेलंगाना गिग वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और अन्य संगठनों ने की है. यूनियन का कहना है कि ऐप कंपनियों के साथ काम करने वाले ड्राइवरों के लिए कोई तय किराया और साफ नियम नहीं हैं. कंपनियां अपनी मर्जी से किराया तय करती हैं और कमीशन काट लेती हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई लगातार घटती जा रही है. ड्राइवरों का आरोप है कि इस वजह से उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है और उनकी आय का कोई भरोसा नहीं बचा है. यूनियन ने इस मामले में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपनी समस्याएं भी बताई हैं.

ड्राइवरों की मुख्य मांगें क्या हैं

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ड्राइवरों की सबसे बड़ी मांग है कि ऑटो, टैक्सी और बाइक टैक्सी के लिए न्यूनतम किराया तय किया जाए और यह फैसला ड्राइवरों से बातचीत करके लिया जाए. इसके अलावा वे चाहते हैं कि निजी (सफेद नंबर प्लेट) गाड़ियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर रोक लगे या उन्हें कमर्शियल कैटेगरी में लाया जाए.
यूनियन यह भी मांग कर रही है कि सरकार ऐप-आधारित कंपनियों पर सख्त निगरानी रखे, ताकि उनकी मनमानी रुके और ड्राइवरों का शोषण बंद हो.

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर

हड़ताल के चलते शनिवार को यात्रियों को काफी परेशानी हो सकती है, कई शहरों में ओला, उबर और रैपिडो पर गाड़ियां मिलना बेहद मुश्किल हो सकता है. अगर कहीं गाड़ी मिल भी गई, तो डिमांड ज्यादा होने की वजह से किराया बहुत बढ़ा हुआ हो सकता है. ये हड़ताल आज 6 घंटे तक जारी रहेगा.  ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट या निजी वाहन का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प रहेगा. ये हड़ताल आज 6 घंटे तक रहेगा जारी रहेगी. 

पहले भी कई बार हो चुकी हैं हड़तालें

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यह पहली बार नहीं है जब गिग वर्कर्स हड़ताल पर जा रहे हों. इससे पहले भी ड्राइवर और डिलीवरी पार्टनर कई बार काम बंद कर चुके हैं.  हाल ही में 3 फरवरी 2026 को गिग वर्कर्स ने बेहतर सैलरी, सुरक्षा और “10 मिनट डिलीवरी” जैसे दबाव वाले सिस्टम के खिलाफ प्रदर्शन किया था.
इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी बड़े आंदोलन हुए थे, जब हजारों वर्कर्स ने काम रोक दिया था. मई और जून 2025 में महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी लंबी हड़तालें देखने को मिली थीं.

नाराजगी की असली वजह क्या है

ड्राइवरों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह कम होती कमाई है. पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कंपनियों का कमीशन कम नहीं हो रहा. साथ ही, काम का दबाव, सुरक्षा की चिंता और तय नियमों की कमी भी ड्राइवरों को परेशान कर रही है. इन सभी वजहों से ड्राइवर सरकार से साफ नियम और न्यूनतम किराया तय करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें एक स्थिर और सुरक्षित कमाई मिल सके. शनिवार को सफर से पहले थोड़ी अतिरिक्त योजना बनाना जरूरी है, ताकि आखिरी समय पर परेशानी न हो.

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