Advertisement

Loading Ad...

क्या वाक़ई पत्रकार सुहैब ने अपनी पत्नी को चाकू मारा था ? देखिये स्पेशल रिपोर्ट

आज आपको बताएंगे उस शख्स के बारे में जिसकी बातों में राष्ट्रवादी ऐसे कूट कूटकर भरा था, ऐेसे झलकता था कि India’s Most Wanted को देखने के लिए लोग अपने सारे काम छोड़कर बैठ जाया करते थे, लेकिन फिर जब पता लगा कि क्रिमिनल्स को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने की कोशिश करने वाला खुद अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल चला गया है तो जैसे हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई

Loading Ad...

अगर आप 90s के दौर के हैं तो आपने सुहैब इलियासी के बारे में ज़रूर सुना होगा….क्या हुआ नाम याद नहीं आया ? नाम छोड़िये….इस चेहरे को देखियेकैमरे का ज़ूम चमचमाते स्टूडियो में जब एंकर सुहैब इलियासी पर पड़ता था तो आत्मविश्वास से लबरेज़, दमदार आवाज़ और आकृषक पर्सनैलिटी के साथ एक एंकर आपको क्राइम की दुनिया की वो कहानियां बताता था जिसके बारे में जानने के साथ साथ कई नज़रें तो सुहैब की पर्सनैलिटी पर ही टकटकी लगाए रहती थीं…लेकिन चमकता धमकता ये सितारा हत्यारा कैसे बना ? कई लोग आज भी सुहैब को निर्दोष समझते हैं, कहते हैं कि आरोप ही तो था…आज बात होगी एक ऐसी शख़्सियत की जिसने तय किया स्टूडियो से सलाख़ों के पीछे तक का सफ़र…

आप देख रहे हैं NMF News की खास पेशकश Adhura Sach…आज आपको बताएंगे उस शख्स के बारे में जिसकी बातों में राष्ट्रवादी ऐसे कूट कूटकर भरा था, ऐेसे झलकता था कि India’s Most Wanted को देखने के लिए लोग अपने सारे काम छोड़कर बैठ जाया करते थे, लेकिन फिर जब पता लगा कि क्रिमिनल्स को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने की कोशिश करने वाला खुद अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल चला गया है तो जैसे हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई…

आज रात, हम आपको एक ऐसे अपराधी की कहानी सुनाएंगे, जिसने कानून को चुनौती दी, लेकिन इंडियाज मोस्ट वांटेड की नज़रों से कोई नहीं बच सकता  और इसी के साथ दर्शकों की जबरदस्त तालियां. सुहैब का करिश्मा स्क्रीन पर छा रहा थालेकिन इसका अंत बेहद खौफनाक हुआ. इस कहानी को बहुत ध्यान से सुनियेगा….क्योंकि ये कहानी फिर साबित करेगी कि किसी के चेहरे पर नहीं लिखा होता कि उसके मन में क्या चल रहा है…सुहैब इलियासी - 90 के दशक के अंत में टीवी की दुनिया का एक चमकता सितारा. इंडियाज मोस्ट वांटेड के होस्ट के रूप में, उन्होंने अपराध की कहानियों को घर-घर तक पहुँचाया. उनकी दमदार आवाज़, आत्मविश्वास और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने उन्हें लाखों लोगों का चहेता बना दिया. लोग उन्हें एक नायक की तरह देखते थे, जो अपराधियों को बेनकाब करता था. लेकिन उनकी अपनी ज़िंदगी में एक अंधेरा सच छिपा था.

Loading Ad...

Loading Ad...

सुहैल प्रोफ़ेशनल ज़िंदगी में लाखों दिलों पर राज करते थे लेकिन पर्सनल ज़िंदगी में उनकी अपनी पत्नी से बहुत लड़ाई थी. सुहैब और अंजू की शादी 1993 में हुई थी, जब सुहैब ने अपने परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ़ एक हिंदू लड़की से प्यार किया और शादी की. लेकिन समय के साथ, उनके रिश्ते में खटास गई. झगड़े, तनाव और शक ने उनके रिश्ते को जकड़ लिया. 1999 में, वे मयूर विहार के एक नए फ्लैट में शिफ्ट हुए, जिसे अंजू ने डेढ़ करोड़ में खरीदा था. लेकिन यह नया घर उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं बन सका.

10 जनवरी 2000 की रात, मयूर विहार के उस फ्लैट में कुछ भयावह हुआ. सुहैब के मुताबिक, अंजू के साथ उनकी बहस हुई थी. उन्होंने दावा किया कि अंजू ने गुस्से में खुद को चाकू मार लिया. लेकिन सच कुछ और था. अंजू के पेट पर चाकू के दो घाव थे. सुहैब ने अपने दोस्त को फोन किया और कहा कि अंजू ने आत्महत्या कर ली. लेकिन जब वह 12:26 बजे अंजू को एम्स लेकर पहुँचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अंजू को मृत घोषित कर दिया गया. जैसे ही डॉक्टरों ने अंजू की मौत की पुष्टि की वैसे ही अंजू का माँ ने पुलिस अधिकारी को जो बताया उसे सुनकर सब दंग रह गये.

Loading Ad...

पुलिस ने जांच शुरू की. बाथरूम में खून के निशान, पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट और अंजू के परिवार के आरोपों ने सुहैब के आत्महत्या के दावे पर सवाल उठाए. मार्च 2000 में, सुहैब को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया. अंजू की बहन ने भी क़बूला कि सुहैब बहन को बुरी तरह प्रताड़ित करता था. वह उसे दहेज के लिए ताने मारता था. उसने अंजू की हत्या की और इसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की! 2014 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि सुहैब के खिलाफ हत्या की धारा (IPC 302) के तहत मुकदमा चलाया जाए. 20 दिसंबर 2017 को, कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुहैब को अंजू की हत्या का दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने कहा कि सुहैब ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. लेकिन फिर 5 अक्टूबर 2018, दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में सुहैब की अपील की सुनवाई हुई और जज गंभीर माहौल में फैसला पढ़ते हुए जानते हैं क्या कहते हैं ? वो कहते हैं इस मामले में ठोस सबूतों का अभाव है. निचली अदालत का फैसला अनुमानों पर आधारित था. सुहैब इलियासी को हत्या के सभी आरोपों से बरी किया जाता है.

मतलब 18 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, 5 अक्टूबर 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुहैब को बरी कर दिया. कोर्ट ने माना कि हत्या के आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे. सुहैब एक बार फिर आज़ाद थे, लेकिन उनकी छवि हमेशा के लिए दागदार हो चुकी थी.

सुहैब इलियासी का टीवी पर आकर्षण ज़बरदस्त था. इंडियाज मोस्ट वांटेड ने उन्हें एक स्टार बना दिया था. उनकी बोल्ड आवाज़ और अपराधियों को बेनकाब करने का अंदाज़ दर्शकों को खींचता था. कहा जाता है कि उनके शो ने 135 से ज़्यादा अपराधियों को पकड़वाने में पुलिस की मदद की. लेकिन इस चमकती छवि के पीछे एक अंधेरा सच था. उनकी निजी ज़िंदगी में तनाव और हिंसा की कहानियाँ थीं, जो आखिरकार उनकी पत्नी की मौत के साथ सामने आईं. सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया लेकिन परिवार ने हमेशा एक ही बात कही कि इल्यासी ने ही अंजू को मारा था.

Loading Ad...

सुहैब इलियासी की कहानी एक चेतावनी है - कि चमकती सतह के नीचे अक्सर गहरे राज़ छिपे होते हैं. एक समय में जो शख्स अपराधियों को बेनकाब करता था, वह खुद एक अपराध के केंद्र में गया. लेकिन कानून की सीमाओं और सबूतों की कमी ने उन्हें आज़ादी दे दी. सवाल आज भी वही है - क्या सच वाकई सामने आया, या ये कहानी अभी अधूरी है? लेकिन हाँ एक बात और सुनिये- सुहैब इलियासी ने 2006 में दूसरी शादी कर ली और अब वो टीवी की दुनिया से दूर हैं.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...