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  • Rukmini Ashtami 2024: जानिए कब है रुक्मिणी अष्टमी, महत्व, पूजा विधि और मंत्र
    धर्म ज्ञान
    19 Dec, 2024
    02:19 PM
    Rukmini Ashtami 2024: जानिए कब है रुक्मिणी अष्टमी, महत्व, पूजा विधि और मंत्र

    रुक्मिणी अष्टमी का पर्व हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन देवी रुक्मिणी, जो भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी और देवी लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं, के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से मां लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि, और धन की प्राप्ति होती है।

  • काल भैरव जयंती 2024: शिव के उग्र रूप की पूजा का विशेष दिन
    धर्म ज्ञान
    22 Nov, 2024
    03:31 PM
    काल भैरव जयंती 2024: शिव के उग्र रूप की पूजा का विशेष दिन

    काल भैरव जयंती 2024 का यह विशेष दिन भगवान शिव के उग्र और न्यायप्रिय रूप काल भैरव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष यह पर्व 22 नवंबर को मनाया जा रहा है। काल भैरव को बुरी शक्तियों का नाश करने वाला और भक्तों को सभी प्रकार के भय और बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला देवता माना जाता है।

  • देवउठनी एकादशी 2024: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा का महत्व
    धर्म ज्ञान
    07 Nov, 2024
    11:37 PM
    देवउठनी एकादशी 2024: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा का महत्व

    देवउठनी एकादशी, जिसे देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पावन तिथि 12 नवंबर को है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिससे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। देवउठनी एकादशी पर उपवास और पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा, कथा वाचन और निर्जल व्रत का पालन करते हैं।

  • Tulsi Vivah 2024: जानें 12 या 13 नवंबर कब है तुलसी विवाह? पूजा विधि, उपाय और इसका महत्व
    धर्म ज्ञान
    03 Nov, 2024
    06:39 PM
    Tulsi Vivah 2024: जानें 12 या 13 नवंबर कब है तुलसी विवाह? पूजा विधि, उपाय और इसका महत्व

    तुलसी विवाह का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इसे कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मनाया जाता है, जिसमें भगवान विष्णु के शालिग्राम अवतार और माता तुलसी का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न होता है। इस दिन को सभी मांगलिक कार्यों के शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है, और मान्यता है कि इसके पालन से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य आता है।

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